आज भी जारी है आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नाराजगी, कटघोरा समेत अलग-अलग ब्लॉक से शामिल हुए 3000 वर्कर्स

कोरबा: कटघोरा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का आक्रोश दूसरे दिन खुलकर सामने आया. हजारों की संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतरीं और जोरदार रैली निकालते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचीं. प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की गई और अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई गई.

रैली में कटघोरा, पाली और पोंडी उपरोड़ा ब्लॉक की करीब 3 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं शामिल हुईं. दो दिवसीय धरना आंदोलन के पहले दिन कार्यकर्ताओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला लगाकर विरोध दर्ज कराया था, जबकि दूसरे दिन आंदोलन ने उग्र रूप लेते हुए विशाल आक्रोश रैली का रूप ले लिया.

एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में उन्होंने अपनी वर्षों से लंबित मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की. कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से शासन की विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि वे प्रतिदिन 8 घंटे से अधिक समय तक सेवाएं देती हैं, इसके बावजूद उन्हें शासकीय कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम वेतनमान, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 का हवाला देते हुए सरकार से अपने वादे निभाने की मांग की.

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र और ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी.

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