आराम फरमा रहे लोगों पर युनूस सरकार मेहरबान, खाली करने जा रही अपना खजाना!

बांग्लादेश कहने को तो आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. लेकिन यूनुस सरकार ऐसे कदम उठा रही है, जो इस खाई को और बढ़ाने वाले साबित होंगे. अब सरकार सैकड़ों रिटायर्ड अधिकारियों को गैर-प्रशासनिक पदों से प्रमोट करने की योजना बना रही है, हालांकि वे अपने नए पदों पर एक दिन भी काम नहीं करेंगे. इन अधिकारियों को अब टैक्स दे रही जनता के पैसा का और ज्यादा फायदा मिलेगा.

पिछले दिसंबर में, सरकार ने 119 सचिवों सहित 764 रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारियों को इसी तरह की पदोन्नति दी थी. इस फैसले की कई पूर्व सरकारी कर्मचारियों और लोक प्रशासन जानकारों ने आलोचना की थी. अब रिटायर हुए गैर-प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी यही प्रक्रिया शुरू हो रही है. इसके लिए सरकार ने पूर्व वित्त सचिव जाकिर अहमद खान की अध्यक्षता वाली एक कमेटी की समय सीमा 30 जुलाई तक बढ़ा दी है.

15 सालों में जो नहीं मिला, वो घर बैठे दे रहे यूनुस

जाकिर अहमद खान की कमेटी को 16 दिसंबर को बनाया गया था. इसका काम रिटायर हुए गैर-प्रशासनिक अधिकारियों (ग्रेड-III और उससे ऊपर) के आवेदनों की समीक्षा कर रही है. जिनका दावा है कि उन्हें पिछले 15 सालों में गलत तरीके से प्रमोशन से दूर रखा गया.

लोक प्रशासन मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी बांग्लादेश के अखबार ‘द डेली स्टार’ को बताया कि करीब 400 रिटायर अफसरों के नामों पर विचार किया जा रहा है, लेकिन यह साफ नहीं है कि असल में कितने लोगों को प्रमोशन मिलेगी.

सरकार के फैसले पर उठ रहे सवाल

लोक प्रशासन विशेषज्ञ सरकार के इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि सरकार को यह साफ करना चाहिए कि इन सेवानिवृत्त अधिकारियों को अब सेवानिवृत्ति के बाद पदोन्नति और अतिरिक्त लाभ क्यों दिए जा रहे हैं. पूर्व अतिरिक्त सचिव फिरोज मिया ने कहा, “इसका कोई साफ वजह नहीं है कि कुछ लोगों को पदोन्नति क्यों दी जा रही है जबकि अन्य को छोड़ दिया जा रहा है. सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जनता का पैसा इस तरह क्यों खर्च किया जा रहा है.”

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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