उत्तर प्रदेश: लापरवाही की भेंट चढ़ी प्रसूता, जिला महिला चिकित्सालय में नेहा गोंड की मौत पर भारी आक्रोश

बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनहीनता का एक हृदयविदारक मामला सामने आया है. जिला महिला चिकित्सालय में समय से इलाज न मिलने और चिकित्सकों की कथित अनुपस्थिति के कारण मनियर पिलुई निवासी नेहा गोंड की प्रसव के दौरान मृत्यु हो गई. इस घटना को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है.
परिजनों का आरोप है कि 28 फरवरी 2026 को शंकर गोंड की पुत्री नेहा गोंड को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. नेहा के भाई विशाल गोंड और पिता शंकर गोंड का आरोप है कि नेहा तीन घंटे तक असहनीय पीड़ा से छटपटाती रही, लेकिन उस दौरान कोई महिला चिकित्सक अस्पताल में उपलब्ध नहीं थी.अस्पताल कर्मियों पर अभद्र व्यवहार करने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। परिजनों का मानना है कि यदि समय पर डॉक्टर मिल जाते, तो नेहा की जान बचाई जा सकती थी.
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग
इस घटना से आक्रोशित परिजनों और गोंड समाज के लोगों ने बलिया जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने शासन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की. प्रदर्शन के पश्चात, मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट रामाश्रय वर्मा को सौंपा गया. ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें उठाई गई हैं. प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषी चिकित्साकर्मियों और अनुपस्थित चिकित्सकों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए. लापरवाह कर्मचारियों को बर्खास्त कर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए.
इस मौके पर मुख्य रूप से शंकर गोंड, विशाल गोंड, अरविन्द गोंडवाना, मनोज शाह, सुरेश शाह, संजय गोंड, राहुल गोंड, धीरज वर्मा, जयपाल गोंड, नीरज गोंड, रविन्द्र सिंह, हिमांशु गोंड, निशान्त सिंह, तेजप्रताप वर्मा, विनय वर्मा, अच्छेलाल, अरविंद राज, आकाश, राजन सिंह, कारण गोंड, विनोद वर्मा, लक्ष्मण गोंड, रामचंद्र गोंड और जय प्रकाश सहित भारी संख्या में ग्रामीण व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन नगर मजिस्ट्रेट ने उचित कार्यवाही का आश्वासन जरूर दिया है.











