कार चलाते-चलाते कमर दर्द से हो रहे हैं परेशान, स्पाइन सर्जन के ये तरीके देंगे राहत

आजकल लंबी दूरी तय करने के लिए लोग अपनी कार से सफर करना ज्यादा सुविधाजनक मानते हैं। हालांकि, घंटों लगातार ड्राइविंग करना रीढ़ की हड्डी, गर्दन और कमर के लिए नुकसानदेह हो सकता है। कई लोग पीठ दर्द, टेल बोन में तकलीफ या गर्दन की अकड़न को सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह स्पाइन से जुड़ी गंभीर समस्याओं की शुरुआत हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सही पोस्चर और कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर इन दिक्कतों से काफी हद तक बचा जा सकता है।

लगातार एक ही पोजीशन में बैठे रहने से रीढ़ की डिस्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। झुककर या आगे की ओर खिंचकर बैठने से कमर और गर्दन की मांसपेशियों में तनाव बढ़ जाता है। खराब सड़क और गाड़ी के झटके स्पाइन पर सूक्ष्म चोट पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा लंबे समय तक बिना मूवमेंट बैठे रहने से ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे अकड़न और दर्द की समस्या बढ़ती है।

सुरक्षित सफर के लिए अपनाएं ये उपाय

ड्राइविंग से पहले सीट और स्टीयरिंग की सही दूरी सेट करें। सीट को हल्का पीछे झुकाकर रखें और लम्बर सपोर्ट का उपयोग करें। बैठते समय पिछली जेब से वॉलेट या फोन निकाल दें, ताकि रीढ़ पर असमान दबाव न पड़े। हर डेढ़ से दो घंटे में 5-10 मिनट का ब्रेक लेकर टहलें और हल्की स्ट्रेचिंग करें। गाड़ी के शॉक एब्जॉर्बर और टायरों की स्थिति सही रखें, ताकि झटके कम लगें।

कब लें डॉक्टर की सलाह?

अगर दर्द कई दिनों तक बना रहे, हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन महसूस हो, या चलने-खड़े होने में परेशानी हो, तो तुरंत स्पाइन विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। समय पर उपचार से गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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