हाईवे पर दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार अनियंत्रित अर्टिगा ट्रक में घुसी, मामा-भांजे की मौत, पांच गंभीर

जसवंतनगर : थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग पर जौनई चौकी के पास सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में शादी की रस्म पूरी कर दिल्ली लौट रहे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.तेज रफ्तार और अनियंत्रित अर्टिगा कार अपने आगे चल रहे ट्रेलर ट्रक में पीछे से जा घुसी.हादसे में कार सवार सात लोगों में से मामा-भांजे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.
शादी की रस्म से लौट रहा था परिवार
मृतक चेतराम (62) पुत्र देशराज, मूल रूप से हमीरपुर जनपद के थाना सरीला क्षेत्र के इस्लामपुर गांव के निवासी थे, जो वर्तमान में दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में परिवार के साथ रहते थे.21 फरवरी को दिल्ली में उनके छोटे बेटे राजेंद्र की शादी संपन्न हुई थी। शादी के बाद पारिवारिक रस्मों की अदायगी के लिए पूरा
परिवार पैतृक गांव गया था.
रविवार को गांव के मंदिर में रस्म पूरी करने के बाद चेतराम अपनी पत्नी गिरिजा देवी (60), पुत्र राजेश (29), राजेंद्र (26), पुत्रवधू अंजलि (26), नवविवाहिता रेशमा देवी (22) तथा जालौन निवासी भांजे सुखवासी पुत्र जंगीलाल के साथ अर्टिगा कार से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे.
सुबह 3 बजे हुआ हादसा
सोमवार सुबह करीब 3 बजे जैसे ही कार इटावा-आगरा मार्ग पर जौनई चौकी के पास एक पेट्रोल पंप के सामने पहुंची, तभी कानपुर से चावल लेकर गुजरात जा रहे ट्रेलर ट्रक में तेज रफ्तार अर्टिगा पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा ट्रक में बुरी तरह फंस गया. हादसे में चेतराम और उनके भांजे सुखवासी की मौके पर ही मौत हो गई. बाकी पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.
घायलों को सैफई पीजीआई रेफर
सूचना पर मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष कमल भाटी ने पुलिस बल के साथ राहत कार्य शुरू कराया.सभी घायलों—गिरिजा देवी, राजेश, राजेंद्र, अंजलि और रेशमा देवी—को कार से बाहर निकालकर एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र ने सभी की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें सैफई पीजीआई रेफर कर दिया.
मृतकों के शव कड़ी मशक्कत के बाद वाहन से निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए.
एक घंटे पहले बदला गया था चालक
हादसे के बाद मृतक के बड़े पुत्र राजेश ने रोते-बिलखते बताया कि एक घंटे पहले तक सब कुछ सामान्य था. इटावा से पहले एक पेट्रोल पंप पर सीएनजी डलवाई गई, सभी ने चाय पी.उस समय गाड़ी छोटा भाई राजेंद्र चला रहा था, लेकिन बाद में सुखवासी ने चालक बदलने की बात कहकर खुद गाड़ी संभाल ली.जसवंतनगर के आगे यह दर्दनाक हादसा हो गया.
ट्रक चालक हिरासत में
पुलिस ने ट्रक चालक व परिचालक को हिरासत में ले लिया है.हाईवे इंसिडेंट मैनेजर सुनीत चौहान की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटाकर यातायात सुचारू कराया गया.हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया है.शादी की खुशियां मातम में बदल गईं.











