बलरामपुर : PWD और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों पर अतिक्रमण का जाल, ग्रामीणों में आक्रोश

बलरामपुर :जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों के किनारे तेजी से बढ़ रहे अवैध कब्जों ने आम नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है.सड़क से सटे क्षेत्रों में स्थानीय लोगों द्वारा भवन निर्माण सामग्री का ढेर लगाना, पालतू पशुओं को बांधना, लकड़ी एवं अन्य सामान रखना तथा ठेला-टपरी संचालित करना आम बात हो गई है.इससे सड़क की चौड़ाई लगातार कम होती जा रही है और आवागमन प्रभावित हो रहा है.

दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ी

ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर सड़क से बिल्कुल सटाकर मवेशी बांधे जा रहे हैं। अचानक सड़क पर पशुओं के आ जाने से वाहन चालकों को ब्रेक लगानी पड़ती है, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है.खासकर रात के समय और कोहरे के दौरान स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। छोटे वाहनों के साथ-साथ बस, ट्रक और एंबुलेंस चालकों को भी आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.

कई गांव प्रभावित

वाड्रफनगर विकासखंड के ग्राम स्याही करमडीहा, कोतराही, बेतो सरना, रघुनाथनगर, रमेशपुर और बारती बलंगी सहित कई गांवों में सड़क किनारे अतिक्रमण की स्थिति गंभीर होती जा रही है. कुछ स्थानों पर तो लोगों ने अस्थायी शेड और टीन शेड बनाकर स्थायी रूप से कब्जा जमा लिया है। इससे पैदल चलने वालों और स्कूली बच्चों को भी खतरा बना हुआ है.

प्रशासनिक अनदेखी का आरोप

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन को कई बार मौखिक रूप से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता.

कलेक्टर ने दिए कार्रवाई के संकेत

मामले में जिले के कलेक्टर राजेंद्र कटारा से चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को चिन्हित कर शीघ्र हटाने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित विभाग औऱ स्थानीय प्रशासन को निर्देशित कर स्थिति का जायजा लेने की बात भी कही.ग्रामीणों को अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है.यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो आने वाले दिनों में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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