दावोस मंच से ट्रंप का यूरोप और चीन पर हमला, ग्रीनलैंड को लेकर दोहराई अमेरिका की दावेदारी

स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक साल के कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख किया और वैश्विक मुद्दों पर खुलकर बयान दिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया की अर्थव्यवस्था का इंजन है और जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत होती है तो इसका लाभ पूरी दुनिया को मिलता है।

अपने संबोधन में ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर एक बार फिर अमेरिका की दावेदारी दोहराई। उन्होंने कहा कि अमेरिका के अलावा कोई भी देश या देशों का समूह ग्रीनलैंड की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता। ट्रंप ने ग्रीनलैंड के अधिग्रहण के लिए तत्काल बातचीत की आवश्यकता बताई।

ट्रंप ने डेनमार्क पर भी तीखा हमला बोला और उसे एहसान फरामोश करार दिया। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान डेनमार्क कुछ ही घंटों में जर्मनी के सामने हार गया था और न तो खुद की, न ही ग्रीनलैंड की रक्षा कर पाया था। उस समय अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सुरक्षा की थी, लेकिन बाद में ग्रीनलैंड डेनमार्क को लौटा दिया गया। ट्रंप के अनुसार आज डेनमार्क अमेरिका के इस योगदान को स्वीकार नहीं कर रहा, जो गलत है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ग्रीन एनर्जी को लेकर चीन की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चीन ग्रीन एनर्जी के नाम पर दुनिया को गुमराह कर रहा है और वहां बनाए जा रहे विंड फार्म सिर्फ दिखावे के लिए हैं।

यूरोप को लेकर ट्रंप ने कहा कि वे यूरोपीय देशों से प्रेम करते हैं और चाहते हैं कि वे आगे बढ़ें, लेकिन मौजूदा समय में यूरोप सही दिशा में नहीं जा रहा है। उनके अनुसार बड़े पैमाने पर माइग्रेशन की वजह से यूरोप को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ट्रंप ने कहा कि वे इस मंच से दुनिया भर के बिजनेस लीडर्स, अपने मित्रों और विरोधियों को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने मजबूत आर्थिक आंकड़ों और सुरक्षित सीमाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी नीतियों के चलते अमेरिका की स्थिति पहले से कहीं बेहतर हुई है।

गौरतलब है कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 की वार्षिक बैठक 19 जनवरी से शुरू हुई है, जो 23 जनवरी तक चलेगी। इस बैठक में 130 देशों के करीब 3,000 उच्च स्तरीय प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं, जिनमें वैश्विक नेता, बड़े उद्योगपतियों के सीईओ, सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक शामिल हैं।