मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आवास क्रांति, गरीबों का सपना हो रहा साकार

रायपुर: पक्का मकान जीवन में हर व्यक्ति का सपना होता हैं. पक्के मकान के इस सपने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूरा कर रहा है. सुशासन सरकार में छत्तीसगढ़ के गरीबों को सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना को मिशन मोड में चला रही है. प्रदेश में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पक्के मकानों का निर्माण हो रहा है और हजारों गरीब परिवारों का वर्षों पुराना सपना अब साकार हो रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना के साथ शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य देश के प्रत्येक गरीब परिवार को सुरक्षित और पक्का घर उपलब्ध कराना है. छत्तीसगढ़ में इस योजना को विशेष प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गरीब परिवारों को अपना पक्का घर मिल रहा है.
मुख्यमंत्री साय के संकल्प से जनविश्वास हुआ पूरा
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रति सरकार की गंभीरता का सबसे बड़ा उदाहरण स्वयं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संकल्प है. उन्होंने “मोदी की गारंटी” को निभाने का वादा करते हुए कहा था कि जब तक प्रदेश के गरीबों के लिए आवास स्वीकृत नहीं हो जाते, तब तक वे मुख्यमंत्री निवास में प्रवेश नहीं करेंगे. सरकार गठन के दूसरे दिन प्रथम कैबिनेट बैठक 14 दिसंबर 2023 को 18 लाख 22 हजार 743 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति का बड़ा निर्णय लिया गया. उसके बाद मुख्यमंत्री ने अपना वादा पूरा करते हुए मुख्यमंत्री निवास में प्रवेश किया. यह केवल एक प्रतीकात्मक कदम बस नहीं था, यह संदेश था कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश की जनता हैं. जिसके बाद से छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से इतिहास रचते जा रहा हैं.
पारदर्शिता के साथ तेज गति से हो रहा आवास निर्माण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सुशासन सरकार में प्रधानमंत्री आवास का निर्माण पूरी पारदर्शिता के साथ तेज गति से हो रहा है. वर्ष 2016– 23 (7 साल) में स्वीकृत 11,76,142 आवासों में से राशि जारी आवासों के विरुद्ध 9,29,927 (43 प्रतिशत)आवास पूर्ण हुए थे, जबकि सरकार गठन के बाद दो वर्ष की अल्प अवधि में 7,84,328 (34 प्रतिशत) आवास पूर्ण कर ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त कर लिए गई हैं. यह आवास निर्माण के प्रति सुशासन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है.
आवास निर्माण में छत्तीसगढ़ निरंतर बना रहा नया कीर्तिमान
सुशासन सरकार गरीबों के पक्के मकान के सपने को पूरा कर सम्मान दे रही है. छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की गति निरंतर बढ़ रही है. विगत 6 माह में आवास निर्माण की गति लगभग 2000 प्रतिदिवस थी, जिससे छत्तीसगढ़ पूरे देश में प्रथम स्थान पर हैं. वित्तीय वर्ष 2025-26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण कर कीर्तिमान स्थापित किया है. योजना प्रारंभ होने के बाद से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवास निर्माण का रिकॉर्ड बनाया है. राज्य सरकार ने समयबद्ध, गुणवतापूर्ण और लक्ष्यबद्ध कार्य करके यह नई मिसाल कायम की है, जो अन्य प्रदेशों के लिए भी अनुकरणीय हैं.
पक्के घर से बदल रही गरीबों की जिंदगी, उम्मीद हो रही पूरी
पक्का मकान सुरक्षा, सम्मान और स्थिर जीवन का प्रतीक होता है. पहले कई गरीब परिवार कच्चे मकानों में रहते थे, जहां बरसात, गर्मी और ठंड के मौसम में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब ऐसे परिवारों को पक्के घर मिल रहे हैं. इससे बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल बन रहा है, महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल रहा है और परिवारों को प्राकृतिक आपदाओं से भी सुरक्षा मिल रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास बनने से गांवों की तस्वीर बदल रही है. जहां पहले कच्चे घरों की कतारें दिखाई देती थीं, वहीं अब व्यवस्थित और मजबूत मकान बन रहे हैं. इससे ग्रामीण विकास को और नई गति मिल रही है.
बजट 2026–27 में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए विशेष प्रावधान
छत्तीसगढ़ सरकार ने बजट 2026–27 में प्रधानमंत्री आवास योजना को विशेष प्राथमिकता दी है. गरीबों के घरों का सपना पूरा करने के लिए बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है ताकि आवास निर्माण की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के तेजी से आगे बढ़ सके. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 4000 करोड़ एवं शहरी हेतु 825 करोड़ का प्रावधान किया गया है. प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कोई भी पात्र परिवार बिना पक्के घर के न रहे. इसी लक्ष्य के साथ आवास योजना के लिए बजट में अलग से प्रावधान किया गया है, जिससे निर्माण कार्यों में गति आए और अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके.
आत्मसमर्पित नक्सलियों, नक्सल पीड़ित परिवारों एवं पीएम जनमन के तहत विशेष परियोजना
सुशासन सरकार में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान योजनांतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को अब तक कुल 33,233 आवासों की स्वीकृति उपरांत 16,455 परिवारों को पक्के आवास से लाभान्वित किया जा चुका है. प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत विशेष परियोजना के तहत 15,000 आवासों की मंजूरी दी गई है. गृह विभाग द्वारा 10,984 पात्र हितग्राहियों की सूची में से सर्वेक्षण उपरांत 3,336 हितग्राहियों को आवास स्वीकृत कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है. साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित सुरक्षा कैंप के 10 कि.मी. की परिधि में आने वाले गांवों में नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत 13,190 घरों का निर्माण लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 9,010 परिवारों को आवास की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें से 2,204 घरों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है. छत्तीसगढ़ के हर गांव-शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है.











