जबलपुर में संयुक्त राष्ट्र फेलोशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, 13 देशों के अधिकारियों ने लिया हिस्सा

स्मॉल आर्म्स और लाइट वेपन्स कंट्रोल पर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए आयोजित संयुक्त राष्ट्र फेलोशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन जबलपुर स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ मैटेरियल्स मैनेजमेंट में 6 मार्च 2026 को हो गया। तीन सप्ताह तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के 13 देशों के 18 अधिकारियों ने भाग लिया।

यह कार्यक्रम पहली बार एशिया में आयोजित किया गया, जो अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना और अवैध हथियारों की तस्करी तथा उनके दुरुपयोग से निपटने की क्षमता को बढ़ाना था।

इस फेलोशिप का आयोजन संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण मामलों के कार्यालय द्वारा एशिया और प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र शांति एवं निरस्त्रीकरण केंद्र के माध्यम से किया गया। इस आयोजन में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने सहयोग प्रदान किया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अवैध हथियारों की तस्करी को रोकने के उपायों, हथियारों के सुरक्षित भंडारण और अंतरराष्ट्रीय नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। सैद्धांतिक प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, जिससे प्रतिभागियों को हथियारों और गोला-बारूद की सुरक्षा, जवाबदेही और प्रबंधन से जुड़ी सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पुराने और अनुपयोगी हथियारों को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की तकनीकों का प्रदर्शन था। इसमें पर्यावरण के अनुकूल तरीकों जैसे पिघलाकर हथियारों को नष्ट करने की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये हथियार दोबारा किसी अवैध नेटवर्क तक न पहुंच सकें।

समापन समारोह में मिलिट्री कॉलेज ऑफ मैटेरियल्स मैनेजमेंट के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल संजय सेठी ने अवैध छोटे हथियारों के प्रसार से उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय सहयोग, पेशेवर प्रशिक्षण और मजबूत संस्थागत तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने जिम्मेदार हथियार प्रबंधन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा पहलों में संयुक्त राष्ट्र के साथ निरंतर सहयोग को भी रेखांकित किया।

कार्यक्रम के अंत में संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण मामलों के कार्यालय के समन्वयक मार्टिनेज मैनुअल ने भारतीय अधिकारियों और मिलिट्री कॉलेज ऑफ मैटेरियल्स मैनेजमेंट का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और क्षेत्रीय सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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