उत्तर प्रदेश: युद्ध के बीच ईरान में फंसे अमेठी के 7 छात्र, परिवार से टूटा संपर्क; परिजनों ने PM मोदी से सुरक्षित वापसी की गुहार

अमेठी: अंतरराष्ट्रीय हालात के तनावपूर्ण होने के बीच ईरान में पढ़ाई कर रहे अमेठी जिले के सात छात्र युद्ध की आशंका के बीच फंस गए हैं. मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के भनौली गांव के इन छात्रों से शनिवार से परिजनों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे परिवारों में दहशत और चिंता का माहौल है.
परिजनों के मुताबिक अमेठी जिले के मुसाफिरखाना कोतवाली, भनौली गांव से अब्बास अपनी पत्नी शाबिका के साथ ईरान में रहकर रिसर्च कर रहे हैं.

इनके अलावा जवाद हुसैन, इमाम अली, तहरीर फातिमा और सदफ फातिमा सहित अन्य छात्र भी उच्च शिक्षा के लिए ईरान गए हैं। सभी छात्र पीएचडी सहित विभिन्न उच्च शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत बताए जा रहे हैं.
परिवार वालों ने बताया कि शनिवार के बाद से किसी भी छात्र से फोन या अन्य माध्यमों से बात नहीं हो पा रही है. इस अनिश्चितता ने गांव में बेचैनी बढ़ा दी है। इशरत हुसैन ने कहा, “हमारा भतीजा और उसकी पत्नी ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं। लड़ाई शुरू होने के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा।” वहीं वारिश अली ने बताया कि उनकी बेटी ईरान से पीएचडी कर रही है—“कल दोपहर बात हुई थी, उसने बताया कि हमला हो गया है.”
गांव में लगातार लोगों की आवाजाही बनी हुई है और परिजन बच्चों की सलामती के लिए दुआएं कर रहे हैं। इस बीच स्थानीय लोगों में अमेरिका और इजराइल की कार्रवाइयों को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है.
परिजनों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि ईरान में फंसे छात्रों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाने की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि मौजूदा हालात में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सरकार को जल्द कदम उठाना चाहिए.











