उत्तर प्रदेश: ‘सीबीआई इंस्पेक्टर’ बनकर साइबर ठगी, 5.40 लाख रुपये ठगे, फोन और वीडियो कॉल से डराता रहा ठग…

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा में साइबर अपराधियों की सक्रियता का एक और बड़ा मामला सामने आया है. इस बार ठगों ने खुद को सीबीआई का इंस्पेक्टर बताकर नगर पालिका परिषद से सेवानिवृत्त एक क्लर्क को अपना शिकार बना लिया. ठग ने आधार कार्ड के दुरुपयोग के नाम पर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पीड़ित से 5 लाख 40 हजार रुपये ठग लिए. करीब नौ दिनों तक फोन कॉल और व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए आरोपी पीड़ित को लगातार गुमराह करता रहा और जांच के नाम पर पैसे अपने बताए बैंक खाते में जमा करा लिए.
मामला सामने आने के बाद पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर संबंधित बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के आधार पर जांच शुरू कर दी है.
सीबीआई इंस्पेक्टर बनकर किया फोन
नौरंगाबाद स्थित एसडी फील्ड निवासी मुकेश कुमार सक्सेना नगर पालिका परिषद से अगस्त 2025 में क्लर्क पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने साइबर थाने में दी शिकायत में बताया कि 8 फरवरी को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को दिल्ली में तैनात सीबीआई का इंस्पेक्टर विशाल शर्मा बताया. उसने कहा कि उनके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया है और इस संबंध में दिल्ली में शिकायत दर्ज है.
कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर बनाया भरोसा
आरोपी ने बेहद आत्मविश्वास के साथ सरकारी अधिकारी की तरह बातचीत की और मुकेश कुमार को भरोसे में लेने के लिए कई बार फोन कॉल और व्हाट्सएप वीडियो कॉल भी की। उसने कहा कि आधार कार्ड के दुरुपयोग के मामले में जांच चल रही है और अगर सहयोग नहीं किया गया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। लगातार बातचीत और सरकारी अधिकारी जैसा व्यवहार देखकर पीड़ित को उसकी बातों पर विश्वास हो गया.
जांच के नाम पर खाते में जमा कराए रुपये
ठग ने मुकेश कुमार से कहा कि जांच प्रक्रिया और सत्यापन के लिए कुछ रकम बैंक खाते में जमा करानी होगी, जो बाद में वापस कर दी जाएगी. आरोपी की बातों में आकर मुकेश कुमार ने 17 फरवरी को बताए गए बैंक खाते में चेक के माध्यम से 5 लाख 40 हजार रुपये जमा कर दिए.
पैसे जमा करने के बाद जब उन्होंने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका फोन बंद मिला। कई बार प्रयास करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ.
पुलिस ने शुरू की जांच, लोगों से सतर्क रहने की अपील
ठगी का एहसास होने पर मुकेश कुमार तुरंत साइबर थाने पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई. साइबर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और बैंक खाते व मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाकर जांच शुरू कर दी है.
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल या खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्ति की बातों में आकर पैसे या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें. किसी भी संदिग्ध कॉल की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके.