सुपौल में स्मैक के बढ़ते कारोबार पर ग्रामीणों ने बुला ली महापंचायत, जमकर निकाली भड़ास

सुपौल: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद सूखा नशा का कारोबार बढ़ने लगा है. शराबबंदी के बाद लोग अन्य सूखे नशों की ओर बढ़ रहे हैं, जैसे गांजा, अफीम, हेरोइन और स्मैक. इसको लेकर लोगों में आक्रोश पनपने लगा है, इसी क्रम में त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र में इन दिनों सूखा नशा का कारोबार तेजी से पैर पसारता जा रहा है. कम समय में अधिक पैसा कमाने की लालसा में कई लोग इस अवैध कारोबार से जुड़ रहे हैं.
इसका सबसे बड़ा खामियाजा समाज के नाबालिग बच्चों और युवाओं को भुगतना पड़ रहा है. ऐसे में स्मैक के बढ़ते प्रचलन के खिलाफ क्षेत्र में जनजागरण की मुहिम तेज हो गई है. नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत बिक्री और नाबालिगों व युवाओं में तेजी से बढ़ रहे सूखे नशे स्मैक के सेवन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एक बैठक आयोजित की. इसमें इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई.
बैठक में मौजूद जुड़ीलाल यादव, गजेन्द्र यादव, वार्ड पार्षद शिवशंकर साह, मो. आलम, खुर्शीद आलम, जब्बार आलम, खुशीलाल सरदार, धनिकलाल यादव, जाकिर हुसैन, रामदेव सरदार, बद्री सरदार, नंदू सरदार, रविन्द्र साह, ललन यादव आदि ने बताया कि क्षेत्र में स्मैक की बिक्री से समाज का माहौल तेजी से बिगड़ रहा है.
ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से इसकी शिकायत थानाध्यक्ष को सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि नशे के खिलाफ यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा और तब तक नहीं रुकेगा, जब तक इस बुराई को जड़ से खत्म नहीं किया जाता. साथ ही उन्होंने शासन-प्रशासन से भी इस गंभीर समस्या पर शीघ्र ध्यान देने की मांग की.











