रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधते समय मंत्र न याद हो तो क्या बोलना चाहिए?

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है. इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके सुखी, स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की कामना करती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राखी बांधते समय मंत्र बोलने की भी परंपरा है, लेकिन अगर आपको संस्कृत का मंत्र याद नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है.
साल 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा. इस दिन बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करेंगी. ऐसे में अगर आपको राखी बांधते समय पढ़ा जाने वाला पारंपरिक मंत्र याद नहीं है, तो आप सरल हिंदी में भी भाई की रक्षा और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना कर सकती हैं.
राखी बांधते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?
रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय ‘येन बद्धो बलि राजा’ मंत्र का जाप करने की परंपरा है, जो कि नीचे दिया गया है-
“येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः तेन त्वामनुबध्नामि, रक्षे मा चल मा चल॥”
क्या है इस मंत्र का अर्थ?
इस मंत्र का मतलब है- जिस प्रकार महाबली और दानवेंद्र राजा बलि को रक्षा सूत्र से बांधा गया था, उसी प्रकार मैं तुम्हें इस रक्षा सूत्र से बांधती हूं. हे रक्षा सूत्र! तुम मेरे भाई की रक्षा करना और कभी भी विचलित मत होना.
मंत्र याद न हो तो क्या बोलें?
अगर आपको संस्कृत का ये मंत्र याद नहीं है तो बिना किसी संकोच के भाई की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना करते हुए सरल हिंदी में प्रार्थना कर सकती हैं. आप भाई से कहते हुए या मन में ये भाव रख सकती हैं-
“हे ईश्वर, मेरे भाई की रक्षा करो, उसे हमेशा स्वस्थ और खुश रखो. “
रक्षाबंधन का मूल भाव भाई-बहन के प्रेम और रक्षा की कामना से जुड़ा है, इसलिए मंत्र याद न होने पर अपनी भाषा में श्रद्धा और भाव से प्रार्थना करना भी किया जा सकता है.
राखी बांधते समय इन बातों का रखें ध्यान
- तीन गांठ:- भाई की कलाई पर राखी या रक्षासूत्र बांधते समय उसमें तीन गांठ लगाने की परंपरा बताई गई है.
- दिशा:- राखी बंधवाते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है.
- सिर ढंकना:- राखी बांधते समय भाई के सिर पर रुमाल या कोई वस्त्र होना चाहिए.
- तिलक:- सबसे पहले भाई के माथे पर कुमकुम, अक्षत यानी चावल और तिलक लगाने के बाद राखी बांधनी चाहिए.
- दाहिने हाथ में राखी:- भाई की दाहिनी कलाई पर ही राखी बांधने की परंपरा है.











