जब Views पर नहीं मिलते 1 भी रुपये तो Instagram पर कैसे होती है लाखों की कमाई

इंस्टाग्राम रील्स पर लाखों व्यूज आने के बाद भी एक रुपया तक नहीं देता है तो फिर हजारों क्रियेटर्स इसी प्लेटफॉर्म से हर महीने मोटी कमाई कैसे कर रहे हैं. यह सुनने में अजीब लगता है, लेकिन सच्चाई यही है कि यहां खेल व्यूज का नहीं, इंफ्लुएंस, ऑडियंस के भरोसे और ब्रांड वैल्यू का है. रील्स सिर्फ पहुंच बनाती हैं, कमाई दूसरे तरीके से होती है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि बिना पर-व्यू (per-view) पेमेंट के भी इंस्टाग्राम कैसे बन रहा है कमाई का बड़ा जरिया.
Views नहीं, Brand Deals से आती है असली कमाई
इंस्टाग्राम पर सबसे बड़ी कमाई ब्रांड डील्स और स्पॉन्सरशिप से होती है. कंपनियां ऐसे क्रिएटर्स को चुनती हैं जिनकी ऑडियंस एक्टिव और भरोसेमंद हो. यहां व्यूज से ज्यादा एंगेजमेंट रेट और Niche matter करता है. अगर किसी क्रिएटर्स की ऑडियंस प्रोडक्ट कैटेगरी से मैच करती है, तो ब्रांड उसे बढ़ावा देने के लिए पैसा देता है. एक अकेली स्पॉन्सर पोस्ट के लिए छोटे क्रिएटर्स भी हजारों रुपये ले सकते हैं, जबकि बड़े क्रिएटर्स लाखों तक चार्ज करते हैं.
एफिलिएट मार्केटिंग से हर सेल पर मिलता है हिस्सा
एफिलिएट मार्केटिंग इंस्टाग्राम कमाई का तेजी से बढ़ता तरीका है. इसमें क्रिएटर किसी प्रोडक्ट का लिंक या कोड साझा करता है. जब कोई फॉलोअर उस लिंक से खरीदारी करता है, तो क्रिएटर को कमीशन मिलता है. यह तरीका खासकर टेक, फैशन, ब्यूटी और फिटनेस कैटेगरी में ज्यादा चलता है. इसमें व्यूज से ज्यादा कन्वर्जन जरूरी होता है. कम फॉलोअर्स होने पर भी टारगेटेड ऑडियंस से अच्छी कमाई हो सकती है.
पेड प्रमोशन और पर्सनल ब्रांडिंग का फायदा
कई छोटे बिजनेस और लोकल ब्रांड्स इंस्टाग्राम पेज से पेड प्रमोशन करवाते हैं. क्रिएटर्स अपने पेज पर किसी ऐप, सर्विस या पेज को प्रमोट करने के बदले चार्ज लेते हैं. इसके अलावा पर्सनल ब्रांडिंग भी बड़ा फैक्टर है. इंस्टाग्राम प्रोफाइल पोर्टफोलियो की तरह काम करती है. इसी के आधार पर वर्कशॉप, कंसल्टिंग, फ्रीलांस वर्क और कोलैबोरेशन के मौके मिलते हैं. यानी इंस्टाग्राम इनडायरेक्ट इनकम का दरवाजा खोलता है.
बोनस, सब्सक्रिप्शन और क्रिएटर टूल्स से एक्स्ट्रा इनकम
इंस्टाग्राम ने क्रिएटर्स के लिए कई मोनेटाइजेशन टूल्स भी शुरू किए हैं, जैसे सब्सक्रिप्शन्स, बैजेस और गिफ्ट्स. लाइव सेशन के दौरान फॉलोअर्स सपोर्ट अमाउंट भेज सकते हैं. कुछ रीजन में रील्स बोनस जैसे प्रोग्राम भी समय-समय पर आते हैं. सब्सक्रिप्शन फीचर से क्रिएटर एक्सक्लूसिव कंटेंट देकर मंथली इनकम बना सकता है. यानी प्लेटफॉर्म व्यूज का सीधा पैसा भले न दे, लेकिन क्रिएटर कमाई के कई दूसरे रास्ते खोलता है.











