wife approache court against husband- शादी के बाद भी कुंवारी रही पत्नी! पति ने दूरी बनाई तो पुणे कोर्ट ने शादी को किया रद्द, जानें क्या है पूरा मामला

पुणे कोर्ट में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां पत्नी के गंभीर आरोपों के बाद दोनों पक्षों की सहमति से शादी को नाम मात्र का मानते हुए अदालत ने उसे रद्द कर दिया।

wife approache court against husband/पुणे /महाराष्ट्र के पुणे की एक अदालत में वैवाहिक विवाद का एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया। एक महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के कई साल बीत जाने के बाद भी उनके बीच कभी शारीरिक संबंध नहीं बने।

महिला की दलील और पति की स्वीकारोक्ति के बाद, अदालत ने इस ‘नाममात्र’ की शादी को रद्द करने का फैसला सुनाया है। कानूनी गलियारों में इस फैसले की काफी चर्चा हो रही है क्योंकि यह वैवाहिक अधिकारों और आपसी सामंजस्य के महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर करता है।

सुनवाई के दौरान पत्नी ने जज के सामने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने वैवाहिक जीवन को सामान्य बनाने और पति के साथ संबंध स्थापित करने की हर संभव कोशिश की, लेकिन पति हमेशा उनसे दूरी बनाए रखता था।

पत्नी का आरोप था कि शादी के बाद से उनके बीच एक बार भी शारीरिक संबंध नहीं बना, जिसके कारण यह रिश्ता केवल कागजों तक ही सीमित रह गया था। लंबे समय तक इंतजार करने और पति के व्यवहार में कोई बदलाव न देखने के बाद, महिला ने अंततः न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।

इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पति ने अदालत में अपनी पत्नी के आरोपों को स्वीकार कर लिया। पति ने जज के सामने स्पष्ट रूप से कहा कि उसने अपनी पत्नी के साथ कभी शारीरिक संबंध नहीं बनाए।

wife approache court against husband/ पति की इस स्वीकारोक्ति और दोनों पक्षों की सहमति को देखते हुए, अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि इस रिश्ते को आगे खींचने का कोई औचित्य नहीं है। अदालत ने माना कि बिना किसी शारीरिक जुड़ाव के शादी का उद्देश्य ही अधूरा रह जाता है, और इसी आधार पर विवाह को रद्द करने का आदेश दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस जोड़े का विवाह पंजीकृत (Registered Marriage) तरीके से हुआ था और शुरुआत में दोनों परिवार इस मिलन से काफी खुश थे। शादी के बाद दुल्हन बड़े अरमानों के साथ अपने ससुराल पहुंची थी। शुरुआत में उसे लगा कि शायद झिझक की वजह से पति दूरी बना रहा है और वक्त के साथ सब ठीक हो जाएगा।

लेकिन महीने बीत गए और पति का उदासीन रवैया कायम रहा। जब पत्नी को पूरी तरह यकीन हो गया कि पति उसके साथ वैवाहिक सुख साझा नहीं करना चाहता, तो वह थक-हारकर अपने मायके लौट गई और कानूनी रास्ता चुनने का निर्णय लिया।wife approache court against husband

close