वर्ल्ड कप विजेता ऋचा घोष का नाम मतदाता सूची में ‘संदिग्ध’, बंगाल में SIR पर उठा विवाद

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी ऋचा घोष का नाम पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में ‘अंडर एडजुडिकेशन’ यानी संदिग्ध श्रेणी में दर्ज होने से विवाद खड़ा हो गया है। देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर चुकी ऋचा और उनकी बहन का नाम फाइनल अप्रूव्ड लिस्ट में शामिल नहीं है, जिससे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
सिलीगुड़ी के कॉलेजपाड़ा स्थित वार्ड नंबर 30 की निवासी ऋचा फिलहाल क्रिकेट प्रतिबद्धताओं में व्यस्त हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए वनडे मुकाबले में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। इसी बीच जब स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत अंतिम मतदाता सूची सार्वजनिक हुई, तो उनका नाम संदिग्ध सूची में पाया गया।
परिवार के अनुसार, उन्हें किसी तरह का सुनवाई नोटिस नहीं मिला। ऋचा के पिता का कहना है कि चुनाव आयोग द्वारा मांगे गए दस्तावेज पहले ही जमा कर दिए गए थे, जिनमें जन्म प्रमाण पत्र भी शामिल है। उन्होंने दावा किया कि सभी जरूरी कागजात अपलोड किए गए थे। परिवार का कहना है कि माता-पिता के नाम वर्ष 2002 से मतदाता सूची में दर्ज हैं, ऐसे में ऋचा का नाम संदिग्ध सूची में आना समझ से परे है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली खिलाड़ी का नाम पेंडिंग श्रेणी में आ सकता है, तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इसे चुनाव आयोग का विषय बताते हुए कहा कि आयोग ही दस्तावेजों की जांच कर अंतिम निर्णय लेगा।
गौरतलब है कि अंतिम सूची जारी होने के बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम संदिग्ध श्रेणी में पाए गए हैं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, जिन नामों को ‘अंडर एडजुडिकेशन’ में रखा गया है, उनके दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया जारी है। सत्यापन के बाद अनुपूरक सूची जारी की जाएगी, जिसके बाद ही स्पष्ट होगा कि कितने नाम अंतिम रूप से शामिल या बाहर किए जाएंगे।











