IPL 2027 में पहली बार कोचिंग करते दिखेंगे युवराज सिंह, दिल्ली कैपिटल्स ने सौंपी जिम्मेदारी, सौरव गांगुली के साथ करेंगे काम


इंडियन प्रीमियर लीग के 20वें सीजन यानी IPL 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स ने अपने कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल फ्रेंचाइजी ने ‘सिक्सर किंग’ युवराज सिंह को दोहरी जिम्मेदारी सौंपी है। वह सहायक कोच के साथ बल्लेबाजी कोच के तौर पर भी टीम से जुड़ेंगे। बता दें कि युवराज सिंह ने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में क्रिकेट खेला है और बड़े टूर्नामेंट में अपनी बल्लेबाजी से खास पहचान बनाई है। अब तक वह युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देते रहे हैं लेकिन IPL 2027 उनके कोचिंग करियर की पहली बड़ी शुरुआत होगी।
दरअसल युवराज सिंह का दिल्ली कैपिटल्स से पुराना नाता भी रहा है। वह 2015 में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेल चुके हैं। ऐसे में उनकी वापसी सिर्फ कोचिंग की नई भूमिका नहीं बल्कि पुरानी फ्रेंचाइजी के साथ दोबारा जुड़ने का मौका भी है।
ये जोड़ी संभालेगी दिल्ली कैपिटल्स की कमान
दिल्ली कैपिटल्स ने युवराज सिंह को ऐसे समय कोचिंग टीम में शामिल किया है जब IPL 2027 की तैयारियों से पहले टीम का सपोर्ट स्टाफ में नए चेहरे तलाश रहा है। वहीं सौरव गांगुली आगामी सीजन में टीम के हेड कोच की भूमिका निभाएंगे। अब युवराज उनके साथ मिलकर बल्लेबाजों की तैयारी और टीम की रणनीति पर काम करेंगे। दरअसल युवराज ने भारत के लिए 304 वनडे, 58 टी-20 इंटरनेशनल और 40 टेस्ट मैच खेले हैं। वह 2007 टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे। 2011 वर्ल्ड कप में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था।
पिछले कुछ सालों में युवराज ने अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे युवा बल्लेबाजों को ट्रेनिंग दी है। हालांकि IPL में किसी टीम के कोच के तौर पर यह उनका पहला काम होगा। दिल्ली कैपिटल्स को उम्मीद होगी कि उनका अनुभव टीम के बल्लेबाजी विभाग के काम आएगा।
IPL 2015 में दिल्ली ने युवराज सिंह को 16 करोड़ रुपए में खरीदा था
दरअसल युवराज सिंह की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी के साथ 2015 का IPL सीजन भी चर्चा में आ गया है। उस समय टीम दिल्ली डेयरडेविल्स के नाम से खेलती थी और फ्रेंचाइजी ने युवराज को 16 करोड़ रुपए में खरीदा था। उस बोली के साथ वह उस समय IPL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे। उन्होंने उस सीजन दिल्ली के लिए सभी 14 मैच खेले थे। अब करीब एक दशक बाद युवराज उसी फ्रेंचाइजी से नई भूमिका में जुड़ रहे हैं। फर्क यह है कि इस बार वह मैदान पर बल्लेबाजी करने के बजाय खिलाड़ियों को तैयार करने की जिम्मेदारी संभालेंगे। दिल्ली कैपिटल्स के साथ जुड़ने पर युवराज ने कहा कि फ्रेंचाइजी से उनका पुराना जुड़ाव है और वह मालिकों को अच्छी तरह जानते हैं।











