रोशनदान की ग्रिल तोड़कर हाउस ऑफ सेफ्टी से भागे 3 अपचारी बालक, पुलिस ने शुरू की तलाश

सरगुजा के हाउस ऑफ सेफ्टी से तीन अपचारी बालक फरार हो गए। तीनों की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच है। तीनों सुबह करीब पौने छह बजे बाथरूम के रोशनदान का ग्रिल तोड़कर भाग निकले। इसकी सूचना गांधीनगर थाने को दी गई। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कुछ दिनों पूर्व ही बाल संरक्षण गृह से 13 बच्चे खिड़की उखाड़कर फरार हो गए थे।
जानकारी के मुताबिक, हाउस ऑफ सेफ्टी में 16 से 18 वर्ष के बाल अपराधियों को निरुद्ध किया गया है। शुक्रवार सुबह करीब 5.45 बजे सभी अपचारी बालकों को उठाया गया और योगा में शामिल होने के पूर्व उन्हें तैयार होने के लिए कहा गया। इनमें से तीन अपचारी बालक बाथरूम के रोशनदान का ग्रिल उखाड़कर भाग निकले।
तीनों की तलाश में जुटी पुलिस
हाउस ऑफ सेफ्टी के योगा के दौरान तीनों अपचारी बालक नहीं दिखे तो उनकी खोजबीन की गई। खोजबीन के दौरान तीनों के फरार होने की जानकारी मिली। संस्था में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई तो तीनों अपचारी बच्चे एक साथ भागते हुए दिखे। इसकी सूचना गांधीनगर थाने को दी गई।
सूचना पर सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत एवं पुलिस अधिकारी भी हाउस ऑफ सेफ्टी पहुंचे और घटना की जानकारी लेकर सुरक्षा उपाय मजबूत करने का निर्देश दिया। पुलिस टीम द्वारा तीनों की तलाश की जा रही है।
तीनों की तलाश के लिए बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन पर भी पुलिस टीम पहुंची, हालांकि उनका पता नहीं चल सका।
आदतन बदमाश हैं फरार हुए बच्चे
हाउस ऑफ सेफ्टी के प्रभारी अधीक्षक नीपू राम कुशवाहा ने बताया कि फरार आरोपियों में दो कोरिया के एवं एक बलरामपुर का है। तीनों आदतन अपराधी हैं। बलरामपुर का अपचारी बालक इसके पूर्व 8 बार और कोरिया का बलरामपुर के दोनों अपचारी बालक 6 बार गिरफ्तार होकर यहां आ चुके हैं।
बताया गया है कि हाउस ऑफ सेफ्टी से करीब एक वर्ष पूर्व भी आधा दर्जन अपचारी बालक फरार हो गए थे।
हाउस ऑफ सेफ्टी से लगे परिसर में संचालित बाल संप्रेक्षण गृह से भी 14 जुलाई को 13 बच्चे खिड़की तोड़कर भाग निकले थे।
इनमें से 9 ही अब तक वापस आ सके हैैं। चार अपचारी बालक अब भी फरार हैं। लगातार हो रही घटनाओं के बाद बाल संप्रेक्षण गृह व हाउस ऑफ सेफ्टी संस्था के भवनों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है।











