उज्जैन में पुलिस आरक्षक से साइबर ठगी, पुराने नोट के बदले में तगड़े मुनाफे का दिया लालच

उज्जैन से साइबर फ्रॉड का एक मामला सामने आया है। यहां ठगों के मायाजाल से पुलिस विभाग का आरक्षक भी नहीं बच पाया। ठगों ने लालच देकर आरक्षक से 42 हजार रुपए ठग लिए। इसके लिए आरक्षक को पुराने नोट के बदले में पैसे मिलने का लालच दिया गया।

ठगों ने पुलिस विभाग में पदस्थ 46 वर्षीय आरक्षक धरमसिंह यादव को अपने ठगी का शिकार बनाया। इसके लिए आरक्षक से पुराने नोट और सिक्के की तस्वीर व्हाट्सएप पर मंगवाई गई। इन सभी की कीमत 45 लाख रुपए बताई। अलग अलग QR कोड भेजकर भुगतान भी करा लिया गया। जब ठगी का एहसास हुआ। तब आरक्षक ने 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई।

पुराने नोटों को मंगाई थी फोटो

ठगी के इस मामले में आरक्षक ने अपने पास रखे हुए दो-दो रुपए के दो और पांच रुपए के एक पुराने नोट की तस्वीर मंगवाई थी। इन नोटों को देखकर ठगों ने इनकी कीमत 45 लाख रुपए बताई। ये रकम प्राप्त करने के लिए ठग ने अलग-अलग तरह के चार्ज भी बताए। इसके बाद क्यूआर कोड भेजकर भुगतान भी करवाया। इस तरह से एक के बाद एक 42 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए गए।

सितंबर का है मामला

ये पूरा मामला माधव नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस लाइन उज्जैन के निवासी धर्मसिंह आरक्षक ने पुलिस को की गई शिकायत में बताया है कि उनके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने कहा कि अगर पुराने नोट या फिर सिक्के आपके पास है तो उनकी तस्वीर भेज दें। इसके बदले में अच्छी कीमत दिलाने का झांसा दिया गया।

जांच में जुटी पुलिस

जब आरक्षक को ठगी का ये एहसास हुआ तो उन्होंने 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। इस बारे में माधव नगर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close