राजसी ठाठ-बाट के साथ नगर भ्रमण पर निकली माता उमा, रामघाट पर किया संजा विसर्जन, घुड़सवार और पुलिस बल हुआ शामिल


उज्जैन में बाबा महाकाल तो नगर भ्रमण पर निकलते ही हैं। लेकिन एक दिन ऐसा भी रहता है जब शिव की उमा यानी माता पार्वती भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर रवाना होती हैं। बीते दिन यही नजारा देखने को मिला जब राजसी ठाठ बाट के साथ माता की सवारी निकाली गई।
बता दें कि महाकालेश्वर मंदिर में उमा सांझी महोत्सव मनाया जाता है। इसी के समापन के अवसर पर माता उमा सांझी का विसर्जन करने के लिए मां शिप्रा तट स्थित रामघाट जाती हैं। शाम 4 बजे मंदिर से ये सवारी निकाली गई।
नगर भ्रमण पर माता उमा
महाकाल मंदिर में 6 से 12 अक्टूबर तक उमा सांझी महोत्सव मनाया गया। इसी के तहत वर्ष में एक बार निकलने वाली ये सवारी निकली। पांच दिवसीय इस महोत्सव के बाद अश्विन शुक्ल द्वितीया पर माता उमा ने रजत पालकी में विराजित होकर भक्तों को दर्शन दिए।
राजसी अंदाज में निकली सवारी
बाबा महाकाल की तरह ही माता उमा का सवारी निकलने से पहले सभा मंडप में पूजन किया गया। इसके बाद जब पालकी मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची तो सशस्त्र बलों की टुकड़ी ने माता को सलामी दी। सवारी के माता उमा की पालकी के साथ डोल रथ पर पीतल प्रतिमा विराजित थी। जिसमें माता गरुण पर विराजित थी और मनमहेश भी मौजूद थे। सवारी में पुलिस बल, घुड़सवार और महाकाल मंदिर का बैंड भी शामिल था।
इन मार्गों से निकली सवारी
महाकाल मंदिर से शुरू हुई सवारी, महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्शी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शिप्रा तट स्थित रामघाट पहुंची। यहां शिप्रा जल से माता का अभिषेक पूजन किया गया। उसके बाद जवारे और संजा विसर्जन की परंपरा निभाई गई। इसके बाद सवारी पुनः कहारवाड़ी और बक्षी बाजार होते हुए निर्धारित मार्ग से मंदिर वापस पहुंची।











