बजट सत्र में कांग्रेस का आक्रामक रुख, तीन मंत्रियों के बहिष्कार का ऐलान

मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होने जा रहा है और इसके हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। कांग्रेस ने सत्र के दौरान उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विजय शाह का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि सदन में इन मंत्रियों को न बोलने दिया जाएगा और न ही उनकी बात सुनी जाएगी।
कांग्रेस ने छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा में जहरीले कफ सीरप से बच्चों की मौत, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों और कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई टिप्पणी को प्रमुख मुद्दा बनाने की तैयारी की है। इन मामलों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर आरोप लगाया कि बच्चों की मौत और दूषित जल से हुई घटनाओं के बावजूद संबंधित मंत्रियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि सरकार लगातार इन मंत्रियों का बचाव कर रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस का मानना है कि ऐसे मंत्रियों को सदन में बैठने का नैतिक अधिकार नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 16 फरवरी को भोपाल में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति तय की जाएगी।
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि सत्र में कानून-व्यवस्था, बढ़ता कर्ज, अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग पर अत्याचार, किसानों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य सरकार को जनहित के सवालों पर जवाबदेह बनाना है।











