रायपुरवासियों को बड़ी सौगात, खारुन नदी पर 16.37 करोड़ से बनेगा हाई-लेवल ब्रिज, उरला-पठारीडीह को मिलेगी नई कनेक्टिविटी

रायपुर। राजधानी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था मजबूत करने राज्य शासन ने खारुन नदी पर उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग के लिए 16 करोड़ 36 लाख 54 हजार रुपए की स्वीकृति दी है। मुख्य जिला मार्ग उरला-पठारीडीह-बेरला पर बनने वाला यह पुल क्षेत्रीय आवागमन को सुगम बनाएगा और बारिश के दौरान राहत दिलाएगा।
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद मंत्रालय से प्रमुख अभियंता को राशि स्वीकृति संबंधी परिपत्र जारी कर दिया है। शासन ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए स्पष्ट किया है कि सामग्री या निर्माण स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
तय समय-सीमा में पूरा होगा निर्माण
लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को निर्देश दिए हैं कि कार्य की निविदा प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाए और निर्माण कार्य स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप मितव्ययिता के साथ कराया जाए। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित अवधि में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश भी जारी किए हैं। अनावश्यक रूप से समय-सीमा बढ़ाने पर रोक लगाई है। केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही सक्षम अधिकारी की अनुमति से अवधि बढ़ाई जा सकेगी।
बारिश में आवागमन की समस्या से मिलेगी राहत
उरला, पठारीडीह और बेरला मार्ग क्षेत्र लंबे समय से बेहतर कनेक्टिविटी की मांग कर रहा था। खारुन नदी में जलस्तर बढ़ने के दौरान आवागमन प्रभावित होने से लोगों को वैकल्पिक लंबा मार्ग अपनाना पड़ता है। उच्च स्तरीय पुल बनने से वर्षभर निर्बाध यातायात संभव होगा और ग्रामीण-शहरी संपर्क मजबूत होगा।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारियों के अनुसार पुल और पहुंच मार्ग निर्माण से औद्योगिक व कृषि क्षेत्रों के बीच आवाजाही आसान होगी। इससे स्थानीय व्यापार, परिवहन और दैनिक आवागमन को गति मिलेगी। शासन का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद आसपास के गांवों को सीधे बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
हर छह घंटे में 80 हजार वाहन
यातायात विभाग के सर्वे के अनुसार इस मार्ग से हर छह घंटे में 80 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। शाम चार बजे से रात 10 बजे तक ट्रैफिक दबाव सबसे ज्यादा रहता है, जब रायपुर से पाटन और भिलाई की ओर जाने वाले वाहन लंबी कतारों में फंस जाते हैं। सड़क किनारे वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग भी जाम की बड़ी वजह बनती है। नया ब्रिज शुरू होने के बाद ट्रैफिक का दबाव दोनों पुलों में बंट जाएगा।
30 साल की जरूरत को ध्यान में रखकर डिजाइन
पीडब्ल्यूडी ने नए ब्रिज की योजना भविष्य के ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए तैयार की है। खारुन नदी के दोनों किनारों पर तेजी से नई कालोनियां विकसित होने से आबादी कई गुना बढ़ चुकी हैं। अमलेश्वर और महादेव घाट क्षेत्र में आवासीय परियोजनाओं के विस्तार के कारण रोजाना आवागमन लगातार बढ़ रहा है।











