मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का 62वां जन्मदिन: पीएम मोदी, अमित शाह समेत दिग्गजों ने दी शुभकामनाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपना 62वां जन्मदिवस मना रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर नेताओं ने उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए राज्य के विकास में उनके नेतृत्व की सराहना की।

छत्तीसगढ़ के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री हैं विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जन्म 21 फरवरी 1964 को जशपुर जिले के कांसाबेल तहसील स्थित ग्राम बगिया में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय राम प्रसाद साय और माता जसमनी देवी हैं। 27 मई 1991 को उनका विवाह कौशल्या साय से हुआ। उनके एक पुत्र और दो बेटियां हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा लोयोला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुनकुरी से हायर सेकेंडरी तक पूरी की।

आदिवासी पृष्ठभूमि से आने वाले विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री हैं। वे एक मध्यमवर्गीय कृषक परिवार से संबंध रखते हैं। सामाजिक सरोकारों और संगठनात्मक कार्यों से जुड़कर उन्होंने राजनीति में कदम रखा और लंबा सार्वजनिक जीवन जिया।

पंच से मुख्यमंत्री तक का प्रेरणादायी सफर

विष्णुदेव साय ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 1989 में ग्राम पंचायत बगिया के पंच के रूप में की। वर्ष 1990 में वे निर्विरोध सरपंच चुने गए। इसके बाद 1990 से 1998 तक तपकरा क्षेत्र से मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे।

साल 1999 में वे रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से 13वीं लोकसभा के सदस्य चुने गए। इसके बाद 2004 और 2009 में भी रायगढ़ से सांसद बने। 2014 में 16वीं लोकसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। 27 मई 2014 से 2019 तक वे केंद्र सरकार में इस्पात, खान, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे।

संगठन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे 2006 में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बने और बाद में 2011 तथा 2020 से 2022 तक दोबारा यह जिम्मेदारी संभाली। 2 दिसंबर 2022 को उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया तथा 8 जुलाई 2023 को राष्ट्रीय कार्य समिति का सदस्य नामित किया गया।

विधानसभा चुनाव 2023 में वे कुनकुरी सीट से विधायक चुने गए। 10 दिसंबर 2023 को विधायक दल ने उन्हें अपना नेता चुना और वे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने।

राजनीतिक विरासत और पारिवारिक पृष्ठभूमि

विष्णुदेव साय का परिवार भी लंबे समय से सार्वजनिक जीवन से जुड़ा रहा है। उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि प्रसाद साय 1962 से 1967 तक लैलूंगा क्षेत्र से विधायक रहे और 1972 से 1977 तक लोकसभा सांसद रहे। वे केंद्र सरकार में संचार राज्य मंत्री भी रहे।

दूसरे बड़े पिताजी स्वर्गीय केदार नाथ साय 1967 से 1972 तक तपकरा क्षेत्र से विधायक रहे। उनके दादाजी सरदार स्वर्गीय बुधनाथ साय भी 1947 से 1952 तक विधायक मनोनीत हुए थे।

संघर्ष, संगठन और सेवा की पहचान

पंच से सरपंच, विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और फिर मुख्यमंत्री तक का उनका सफर संघर्ष, संगठन के प्रति निष्ठा और जनसेवा की प्रतिबद्धता का उदाहरण माना जाता है। एक साधारण कृषक परिवार से निकलकर प्रदेश की सर्वोच्च जिम्मेदारी तक पहुंचने की उनकी कहानी कार्यकर्ताओं और युवाओं के लिए प्रेरणा मानी जा रही है।

जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेशभर से उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं और समर्थक उनके स्वस्थ, सफल और दीर्घ राजनीतिक जीवन की कामना कर रहे हैं।

jagjaahir desk

जगजाहिर में स्पोर्ट्स बीट पर काम कर रहे हैं। स्पोर्ट्स में क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, टेनिस, बैडमिंटन और एथलेटिक्स गेम्स के मामलों पर काफी अच्छी पकड़ रखते हैं। हमारे पास विभिन्न मुद्दों पर लिखने का 8 साल से अधिक समय का अनुभव है। पत्रकारिता के अपने इस करियर में कई बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स जिसमें साल 2015 और 2019 और 2023 वनडे वर्ल्ड कप, आईपीएल और फुटबॉल वर्ल्ड कप को कवर किया है।
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