who is neal katyal in Hindi- ट्रम्प को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका.. भारतीय मूल के वकील नील कात्याल ने पलटी दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स की बाजी
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ लगाने के राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले को अधिकार क्षेत्र के बाहर का फैसला बताते हुए रद्द कर दिया। इसे ट्रंप सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

who is neal katyal in Hindi-अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ (Global Tariffs) को रद्द कर दिया है।
अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय आपात स्थितियों के लिए आरक्षित विशेष शक्तियों का दुरुपयोग कर अपनी संवैधानिक सीमाओं का उल्लंघन किया है। इस कानूनी लड़ाई के केंद्र में भारतीय मूल के मशहूर वकील नील कात्याल रहे, जिन्होंने छोटे व्यवसायों की ओर से पैरवी करते हुए अमेरिकी न्याय प्रणाली में एक बड़ी जीत दर्ज की है। इस फैसले ने न केवल ट्रम्प की व्यापार नीति को प्रभावित किया है, बल्कि अमेरिकी लोकतंत्र में विधायिका की सर्वोच्चता और शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत को भी फिर से स्थापित किया है।
सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ के खिलाफ मजबूती से पक्ष रखने वाले नील कात्याल ने फैसले के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह जीत इस बात का प्रमाण है कि अमेरिका की प्रणाली स्वयं सुधार करने की क्षमता रखती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि आप दुनिया के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति हो सकते हैं, लेकिन आप संविधान से ऊपर नहीं हो सकते। कात्याल ने एक अप्रवासी के बेटे के रूप में अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिकी लोकतंत्र की यह सबसे बड़ी खूबी है कि वह अदालत में जाकर छोटे कारोबारियों के हक के लिए राष्ट्रपति के गैरकानूनी फैसलों को चुनौती दे सके। सुप्रीम कोर्ट की बहुमत वाली पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि कर लगाने और व्यापारिक शुल्क निर्धारित करने का प्राथमिक अधिकार अमेरिकी कांग्रेस (विधायिका) के पास है, न कि कार्यपालिका के पास।who is neal katyal in Hindi
नील कात्याल की सफलता की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। 1970 में शिकागो में जन्मे कात्याल के माता-पिता भारत से आकर अमेरिका में बसे थे।
उनके पिता एक इंजीनियर और माँ एक बाल रोग विशेषज्ञ थीं। येल लॉ स्कूल से स्नातक करने वाले कात्याल अब तक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष 54 मामलों में पैरवी कर चुके हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है। वे मिलबैंक एलएलपी के वॉशिंगटन डीसी कार्यालय में पार्टनर हैं और जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में विधि प्रोफेसर के रूप में भी सेवा दे चुके हैं। कात्याल ने अमेरिकी न्याय विभाग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और कार्यवाहक सॉलिसिटर जनरल जैसे कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं, जिसके कारण उन्हें अमेरिकी कानूनी व्यवस्था की गहरी समझ है।
अदालत के इस फैसले पर टिप्पणी करते हुए कात्याल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक सीमाओं पर एक बेहद स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद अत्यंत शक्तिशाली है, लेकिन हमारा संविधान उससे कहीं अधिक शक्तिशाली है।
कात्याल ने इस लड़ाई में उनका साथ देने वाले ‘लिबर्टी जस्टिस सेंटर’ और उन पांच छोटे व्यवसाय मालिकों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस कठिन कानूनी लड़ाई का नेतृत्व किया। who is neal katyal in Hindi











