सूरत में प्यार, बलिया में तकरार: शादी के 6 महीने बाद ‘अपनों’ ने ही पीटकर घर से निकाला, अब न्याय की गुहार

बलिया: कभी साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं, साथ में काम करते हुए दिल मिले और फिर परिवार की मौजूदगी में सात फेरे भी हुए. लेकिन किसे पता था कि जिस चौखट को एक युवती ने अपना सुहाग और संसार माना, वहीं से उसे चंद महीनों बाद मारपीट कर बाहर धकेल दिया जाएगा. यह मार्मिक कहानी है मुस्कान देवी की, जो आज न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के चक्कर काट रही हैं.
*​सूरत की कंपनी में शुरू हुई थी प्रेम कहानी*
​प्रार्थिनी मुस्कान ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र और मीडिया को दिए अपने बयान में बताया कि वह गुजरात के सूरत में एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थीं. वहीं उनकी मुलाकात अमित कुमार (निवासी: ग्राम आसन, बलिया) से हुई. धीरे-धीरे दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और वे लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे. इसके बाद अमित के भाई की मौजूदगी में दोनों ने विधिवत शादी कर ली.
*​3 महीने सूरत, 3 महीने बलिया…*
फिर शुरू हुआ प्रताड़ना का दौर मुस्कान के अनुसार, शादी के बाद वे 3 महीने तक सूरत में पति-पत्नी की तरह रहे. इसके बाद अमित उन्हें अपने पैतृक गांव आसन (थाना मनियर, बलिया) ले आया. यहाँ भी सब कुछ करीब 3 महीने तक ठीक चला, लेकिन अचानक अमित और उसके परिवार का व्यवहार बदल गया. मुस्कान का आरोप है कि पति और ससुराल वालों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन घर से निकाल दिया.बताई मेरा मोबाइल और सिम सिम भी छीन लिया है.
*​थाने से नहीं मिली मदद, अब SP से न्याय की उम्मीद*
​पीड़ित महिला का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पहले मनियर थाना और फिर महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. पुलिस की शिथिलता से परेशान होकर आखिरकार मुस्कान ने पुलिस अधीक्षक बलिया की शरण ली है. उन्होंने गुहार लगाई है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें उनका हक और न्याय मिल सके.
​” पीड़िता मुस्कान ने कहा जिस पर भरोसा कर अपना घर छोड़ा, उसी ने बेघर कर दिया। अब कानून ही मेरा आखिरी सहारा है.”

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