बिहार: वन विभाग, पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त कार्रवाई: 15 एकड़ में अवैध रूप से लगी अफीम की फसल नष्ट

औरंगाबाद: 15 एकड़ भूमि में अफीम की खेती को वन विभाग, पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त कार्रवाई में विनिष्ट किया गया. यह कार्रवाई मदनपुर के अति नक्सल प्रभावित बादम पहाड़ के पास घने जंगली इलाके में की गई. जहां अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी.

आपको बता दें वन प्रमंडल पदाधिकारी रूचि कुमारी के निर्देश पर वन विभाग, मदनपुर थाना और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी अभियान चलाया. इस दौरान बादम पहाड़ी के आसपास जंगली इलाकों में छापेमारी की गई. दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण टीम को मौके तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. सुरक्षा के व्यापक इंतजाम के बीच पूरे इलाके की घेराबंदी कर अफीम की फसल को नष्ट किया गया.

नक्सली संगठन के संरक्षण में भी कई गांव में अफीम की खेती की जाती है

पुलिस के अनुसार, अफीम तस्करों को नक्सलियों का भी पूरा समर्थन प्राप्त होता है. कुछ नक्सली संगठन के संरक्षण में भी कई गांव में अफीम की खेती की जाती है. नक्सली और अपराधियों के गठजोड़ के कारण आम ग्रामीण इसका विरोध नहीं कर पाते हैं. हालांकि अफीम की खेती मुख्य रूप से घने जंगलों से बहने वाली नदी नालों के किनारे की जाती है. यही वजह है कि ऐसे इलाकों में समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर अफीम की खेती पर रोक लगाने का प्रयास किया जाता है.

प्रशासन की यह कार्रवाई नक्सल गतिविधियों की आर्थिक कमर तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

अधिकारियों ने बताया कि अवैध अफीम की खेती न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है. नशे के अवैध कारोबार से जुड़कर स्थानीय युवा गलत रास्ते पर जा सकते हैं. प्रशासन की यह कार्रवाई नक्सल गतिविधियों की आर्थिक कमर तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. वन विभाग और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे भी ऐसे अभियानों को लगातार जारी रखा जाएगा. साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे किसी के बहकावे में आकर अवैध खेती में शामिल न हो और इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें.

प्रशासन ने चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध अफीम की खेती में संलिप्त पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

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