सुपौल में दवा दुकान पर औषधि विभाग ने की छापेमारी, 36 प्रकार की दवा जब्त

सुपौल : जिला मुख्यालय के दक्षिणी हठखोला रोड स्थित एक दवा दुकान पर औषधि विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित दवाओं समेत कई प्रकार की औषधियां जब्त कीं. यह छापेमारी रुपेश मेडिकल नामक दुकान में की गई, जहां प्रारंभिक जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं.

कार्रवाई के बाद अवैध रूप से दवा व्यवसाय करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार औषधि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त दुकान बिना वैध लाइसेंस के संचालित की जा रही है और यहां प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री भी की जा रही है. सूचना के आधार पर औषधि निरीक्षक मो. सरफराज आलम और पूजा कुमारी के नेतृत्व में टीम गठित की गई. छापेमारी के दौरान स्थानीय थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची

. थानाध्यक्ष रामसेवक राउत दलबल के साथ वहां मौजूद रहे, ताकि कार्रवाई के दौरान विधि-व्यवस्था बनी रहे. जांच के क्रम में यह पाया गया कि रुपेश मेडिकल की दवा दुकान की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) की अवधि वर्ष 2024 में ही समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद दुकान का संचालन जारी था. टीम ने दुकान के दस्तावेजों की जांच की तो कई आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं कराए जा सके. इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर और क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेखों में भी गड़बड़ी पाई गई.

औषधि निरीक्षक मो. सरफराज आलम ने बताया कि छापेमारी के दौरान प्रतिबंधित दवा सहित कुल 36 प्रकार की दवाएं जब्त की गई हैं. इन दवाओं में कुछ ऐसी श्रेणी की औषधियां भी शामिल थीं, जिनकी बिक्री बिना चिकित्सकीय परामर्श या विशेष अनुमति के नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि इस तरह की दवाओं की अवैध बिक्री से आम लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकता है.

टीम ने जब्त की गई दवाओं की सूची तैयार कर उन्हें विधिवत सील कर लिया है. साथ ही संबंधित दुकानदार के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी. औषधि निरीक्षक ने कहा कि जिले में दवा दुकानों की नियमित जांच की जा रही है और जिन दुकानों का लाइसेंस नवीनीकरण नहीं हुआ है या जो नियमों का उल्लंघन कर रही हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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