करंट से बुझी एक जिंदगी, सदमे में भाई ने महुआ पेड़ से लटककर दी जान… सूरजपुर में दो दिन में दो मौतों से सन्नाटा

सूरजपुर: जिले के सूरजपुर अंतर्गत प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत महेशपुर के भगड़ापारा में दो दिनों के भीतर एक ही परिवार पर ऐसा कहर टूटा कि पूरा गांव स्तब्ध रह गया. पहले करंट की चपेट में आकर युवक की मौत हुई और फिर भाई की मौत का सदमा बर्दाश्त न कर पाने वाला युवक महुआ के पेड़ पर फांसी के फंदे पर झूलता मिला. गांव में मातम पसरा है और हर आंख नम है.

जानकारी के अनुसार, 1 मार्च की शाम भगड़ापारा निवासी नर्मदा प्रसाद आ. खुटहउर उर्फ माधव (30 वर्ष) रोज की तरह अपनी फुल्की दुकान बंद कर घर लौटा था. घर के पास लगे नल पर वह मुंह धो रहा था. उसी दौरान पास की लहसुन फसल की सुरक्षा के लिए लगाए गए झटका तार में करंट प्रवाहित था. बताया जा रहा है कि उक्त तार को गांव के ही गणेश राम आ. बागर साय (25 वर्ष) ने खेत की रखवाली के लिए जोड़ा था.

अंजाने में नर्मदा प्रसाद करंट युक्त तार की चपेट में आ गया. जोरदार झटके से वह मौके पर ही गिर पड़ा। परिजन और ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. घटना की सूचना पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. अचानक हुई इस मौत से परिवार में कोहराम मच गया.

घटना के बाद से ही गणेश राम घर से लापता था. गांव में चर्चा और तनाव का माहौल बना हुआ था. परिजन सदमे में थे और ग्रामीण घटना को लेकर आक्रोशित भी थे. इसी बीच रात के अंधेरे में एक और दर्दनाक घटना घट गई. 2 मार्च की सुबह ग्रामीणों ने गांव के बाहर एक महुआ पेड़ पर गणेश राम का शव फांसी के फंदे पर लटका देखा. सूचना मिलते ही सनसनी फैल गई. तुरंत पुलिस को सूचना दी गई.

मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया. बताया जा रहा है कि गणेश राम ने अपनी टी-शर्ट पर अपनी पत्नी रीता का नाम लिखते हुए “रीता मुझे माफ करना” संदेश भी छोड़ा था. प्रारंभिक अनुमान है कि भाई की मौत का गहरा सदमा वह सहन नहीं कर सका और आत्मघाती कदम उठा लिया.

पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है. करंट से हुई मौत और आत्महत्या- दोनों मामलों की अलग-अलग विवेचना की जा रही है. खेतों में करंट युक्त तार लगाने की प्रवृत्ति पर भी ग्रामीणों ने चिंता जताई है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है. एक ही परिवार में दो जवान बेटों की असमय मौत से भगड़ापारा गांव में सन्नाटा पसरा है. घर में जहां पहले चीख-पुकार थी, अब वहां गहरा मौन है और हर जुबान पर एक ही सवाल, आखिर इस त्रासदी का जिम्मेदार कौन?

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