धमतरी: ओलावृष्टि के बाद ‘72 घंटे’ की चुनौती, किसानों के लिए राहत से पहले प्रक्रिया की परीक्षा

धमतरी: जिले में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और असामयिक वर्षा ने रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं, वहीं कटाई के बाद रखी उपज भी सुरक्षित नहीं बच सकी. इस बीच प्रशासन ने किसानों से सतर्क रहने और समय पर बीमा दावा करने की अपील की है.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राहत दिलाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. कृषि विभाग के अनुसार, रबी मौसम 2025-26 में जिन किसानों ने बीमा कराया है, उन्हें फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को देना अनिवार्य है. तय समयसीमा में सूचना देने पर ही दावा मान्य होगा.

यही समयसीमा अब किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या, जानकारी का अभाव और तकनीकी कठिनाइयों के कारण कई किसान समय पर सूचना दर्ज नहीं कर पाते.

प्रशासन ने सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 14447 और 18004190344 जारी किए हैं, जहां किसान अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से शिकायत दर्ज करा सकते हैं. साथ ही बीमा कंपनी के अभिकर्ता और कृषि विभाग का मैदानी अमला गांव-गांव पहुंचकर सहयोग देने का दावा कर रहा है, हालांकि इसकी पहुंच हर किसान तक समान रूप से नहीं है.

कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें और निर्धारित समय-सीमा में अपनी फसल क्षति की जानकारी जरूर दें, ताकि आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके.

किसानों को नजदीकी कृषि कार्यालय, ग्राम स्तरीय अमले या बीमा प्रतिनिधि से संपर्क करने की सलाह दी गई है. बहरहाल ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन असली चुनौती बीमा क्लेम की प्रक्रिया है. जब तक यह प्रणाली सरल और सुलभ नहीं होगी, तब तक राहत योजनाओं का पूरा लाभ किसानों तक पहुंचना मुश्किल रहेगा.

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