मैहर में आस्था का सैलाब: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन लाखों श्रद्धालु पहुंचे, ‘जय माता दी’ से गूंजा त्रिकूट पर्वत

मैहर: मां शारदा देवी धाम में चैत्र नवरात्रि मेले का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ. पहले ही दिन आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरा त्रिकूट पर्वत ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठा। देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री के दर्शन के लिए मैहर पहुंचे.
भोर में खुले कपाट, 4 बजे हुई पहली आरती
नवरात्रि के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में तड़के करीब 3 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. सुबह 4 बजे प्रधान पुजारी पवन दाऊ महाराज ने विधि-विधान से मां शारदा की भव्य श्रृंगार आरती संपन्न कराई। इसके साथ ही दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात तक लगातार जारी रहा.
बुधवार शाम से ही श्रद्धालुओं का मैहर पहुंचना शुरू हो गया था, और सुबह होते-होते यह भीड़ विशाल जनसमूह में बदल गई। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं.
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था: 560 जवान, ड्रोन से निगरानी
मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. 2 एडिशनल एसपी, 8 डीएसपी, 10 टीआई और 15 सब-इंस्पेक्टर सहित कुल 560 पुलिस जवान तैनात, पूरे मेला क्षेत्र में CCTV कैमरों के साथ 2 ड्रोन कैमरों से निगरानी, कानून-व्यवस्था के लिए 14 कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी पर हर प्रमुख स्थल पर पुलिस बल और स्वयंसेवक तैनात हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन मिल सके.
VIP दर्शन पर पूरी तरह रोक
जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए इस बार मेले के दौरान VIP दर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर रानी बाटड के निर्देश पर सभी श्रद्धालुओं को सामान्य कतार से ही दर्शन करने होंगे। इसका उद्देश्य आम भक्तों को बिना भेदभाव के शीघ्र दर्शन उपलब्ध कराना है.
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
प्रशासन द्वारा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं-
रेलवे स्टेशन और मेला क्षेत्र में सहायता केंद्र स्थापित, वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए रोपवे परिसर में व्हीलचेयर सुविधा, 24 घंटे सेवाओं के लिए मेडिकल टीमें और एम्बुलेंस तैनात, पेयजल, शौचालय और विश्राम स्थलों की समुचित व्यवस्था,नौ दिनों तक शक्ति की आराधना.
नवरात्रि के इन नौ दिनों में मां के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी. पहले दिन शैलपुत्री, इसके बाद क्रमशः ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के स्वरूपों की आराधना होगी.
पहले ही दिन जिस तरह श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा है, उससे साफ है कि इस बार का मैहर नवरात्रि मेला भव्यता और आस्था के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा. प्रशासन और पुलिस की सतर्कता के बीच श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मां शारदा के दरबार में पहुंच रहे हैं.











