ईरान-इजराइल जंग का बढ़ता दायरा: 24 दिनों में 2600 से ज्यादा मौतें, कई देशों में तबाही

ईरान, इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में ले लिया है। 24 दिनों से चल रही इस जंग में अब तक 2600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं। लगातार हो रहे हमलों के कारण हालात गंभीर होते जा रहे हैं और कई देशों में अस्थिरता बढ़ गई है।

ईरान में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहां करीब 1500 लोगों की मौत हो चुकी है और 18 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में महिलाएं, बच्चे और स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं। कई रिहायशी इलाकों और स्कूलों को भी नुकसान पहुंचा है।

इजराइल में भी ईरानी हमलों का असर देखा गया है। यहां 18 लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग घायल हुए हैं। मिसाइल हमलों के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में भी चोटें आई हैं।

अमेरिकी सेना को भी इस जंग में नुकसान उठाना पड़ा है। अब तक 13 सैनिकों की मौत और करीब 200 के घायल होने की खबर है। इसके अलावा इराक में एक विमान हादसे में भी सैनिकों की जान गई।

ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिडिल ईस्ट के कई इलाकों में हमले किए हैं और दावा किया है कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं अमेरिका का कहना है कि उसने ईरान के हजारों ठिकानों पर हमले किए हैं।

इस युद्ध का असर अन्य देशों में भी दिख रहा है। इराक में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि बहरीन, कुवैत और ओमान में भी जानमाल का नुकसान हुआ है। जॉर्डन और कतर में कई लोग घायल हुए हैं।

लेबनान में हालात सबसे ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं, जहां 1000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हैं। बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।

इस संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। तेल और गैस के दाम बढ़ गए हैं, जिससे कई देशों में महंगाई बढ़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले समय में नुकसान और बढ़ सकता है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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