झीरम से मंडावी हत्याकांड तक होगी फास्ट ट्रैक सुनवाई: बस्तर में NIA के विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति, 12 बड़े केसों पर फोकस

जगदलपुर। बस्तर में नक्सल हिंसा से जुड़े चर्चित मामलों की सुनवाई अब और तेज गति से हो सकेगी। केंद्र सरकार ने जगदलपुर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति कर दी है। इस फैसले के बाद झीरम घाटी हमले समेत करीब 12 बड़े मामलों की सुनवाई विशेष अदालत में होगी।
बस्तर में कभी नक्सली हिंसा की घटनाएं आम थीं, लेकिन सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों के चलते अब क्षेत्र शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके बावजूद अतीत की कई बड़ी घटनाओं से जुड़े मामले अब भी न्यायालय में लंबित हैं।
इन मामलों में वर्ष 2013 का झीरम घाटी हमला, दंतेवाड़ा में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की हत्या तथा नारायणपुर में भाजपा नेता की हत्या जैसे हाई-प्रोफाइल प्रकरण शामिल हैं। इन मामलों की जांच NIA द्वारा की गई थी और वर्तमान में सभी प्रकरण न्यायिक प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में हैं।
विशेष जज की नियुक्ति के बाद NIA से जुड़े मामलों की सुनवाई एक ही मंच पर अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी। इससे गवाहों, पीड़ित परिवारों और जांच एजेंसियों को भी राहत मिलेगी। साथ ही वर्षों से लंबित मामलों के जल्द निष्पादन की संभावना बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बस्तर में नक्सलवाद के कमजोर पड़ने के बाद अब न्यायिक स्तर पर लंबित मामलों का निष्कर्ष तक पहुंचना भी उतना ही जरूरी है, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और कानून की प्रक्रिया पूरी हो सके।











