कृषि चौपालों के जरिए बढ़ेगा फसल विविधीकरण, वैकल्पिक खेती पर किसानों को मिलेगा 15 हजार रुपए प्रति एकड़

राजनांदगांव जिले में खरीफ सीजन 2026 के दौरान फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने विशेष रणनीति तैयार की है। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए किसानों को धान के विकल्प के रूप में अन्य फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
वैकल्पिक फसलों पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि
कलेक्टर ने बताया कि कृषक उन्नति योजना के तहत धान की जगह दलहन, तिलहन, कोदो, कुटकी और अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके साथ ही पीएम आशा योजना के माध्यम से भी किसानों को वैकल्पिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
गांव-गांव में लगेंगी कृषि चौपाल
योजना की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए जिले के सभी गांवों में कृषि चौपाल आयोजित की जाएंगी। इन चौपालों के माध्यम से किसानों को फसल विविधीकरण, आधुनिक कृषि तकनीकों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी बनाना है।
स्वास्थ्य, पोषण और विकास कार्यों की समीक्षा
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जिला अस्पताल में मरम्मत और अधोसंरचना विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों का पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही कुपोषण दूर करने, आंगनवाड़ी केंद्रों की मरम्मत, आश्रम-छात्रावासों के नियमित निरीक्षण और पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जल जीवन मिशन के कार्यों और भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। वहीं, दिव्यांगजनों के लिए आयोजित विशेष कार्यक्रम के सफल संचालन पर समाज कल्याण विभाग की टीम की सराहना की गई।











