सूरजपुर में सरकारी स्कूल की जमीन बेचने का आरोप, भूमि रिकॉर्ड की गड़बड़ियों पर ग्रामीणों का प्रदर्शन

सूरजपुर जिले के प्रेमनगर क्षेत्र स्थित नावापारा गांव में भूमि रिकॉर्ड की त्रुटियों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बंदोबस्त रिकॉर्ड में हुई गड़बड़ियों का फायदा उठाकर भू-माफियाओं ने किसानों की जमीनों के साथ-साथ शासकीय भूमि की भी फर्जी खरीद-बिक्री कर दी। आरोप है कि वर्ष 1954 में स्थापित प्राथमिक शाला खासपारा की जमीन तक का सौदा कर दिया गया।
सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट
मामले को लेकर नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1991-92 में हुए बंदोबस्त त्रुटि सुधार कार्य के दौरान कई गलतियां हुई थीं, जिनका असर आज भी गांव के किसानों पर पड़ रहा है। कई परिवार दशकों से जिस जमीन पर निवास और खेती कर रहे हैं, उसी भूमि के स्वामित्व को लेकर अब विवाद उत्पन्न हो गया है।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक बंदोबस्त रिकॉर्ड की सभी त्रुटियों का सुधार नहीं हो जाता, तब तक ग्रामसभा की अनुमति के बिना गांव की किसी भी भूमि की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई जाए। ग्रामीणों का मानना है कि इससे किसानों की जमीन सुरक्षित रहेगी और भविष्य में होने वाले कथित फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाया जा सकेगा।











