वायरल वीडियो के पीछे गंदी राजनीति… भगवंत मान ने बताया- साजिश के तहत हो रहा दुष्प्रचार

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जब मुझे श्री अकाल तख्त साहिब बुलाया गया तो मैंने साफ शब्दों में कहा कि विवादित वीडियो में दिख रहा शख्स मैं नहीं हूं. उन्होंने कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कद और शारीरिक बनावट में मुझसे मेल नहीं खाता. मुख्यमंत्री ने इसी के साथ इस बात पर भी अचरज जताया कि धर्म के इतने उच्च पदों पर बैठे लोग कैसे राजनीतिक आकाओं के झांसे में आ गए?

आपको बताएं कि कथित वायरल वीडियो मामले में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पंथ विरोधी घोषित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री मान आज सामने आए. उन्होंने कहा कि हाल ही में श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ने एक वीडियो के संबंध में कुछ हुकमनामे जारी किए हैं. हुकमनामे में कहा गया है कि वह वीडियो भगवंत मान का है और वह वीडियो कृत्रिम नहीं है.

मुख्यमंत्री मान ने आरोप लगाया कि वे मुझे बदनाम करने के लिए झूठा प्रचार कर रहे हैं. मैं जल संरक्षण, गुरु साहब के वचनों की रक्षा, कृषि संरक्षण और पंजाब के युवाओं के संरक्षण के लिए निर्णय ले रहा हूं. हालांकि वे मेरे निर्णयों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करते. मुझे बदनाम करने के लिए इस तरह की चालें चल रहे हैं और धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि मैं श्री अकाल तक़्त साहिब को सर्वोच्च मानता हूँ, मेरा सिर झुकता है और मैं नमन करता हूँ. श्री अकाल तक़्त साहिब के सामने नमन करना मेरे लिए बहुत दूर की बात है, कई पीढ़ियां तो सपने में भी इसके बारे में सोच नहीं सकतीं. हालांकि, सिख समुदाय भली-भांति जानता है कि वहाँ नियुक्त किए गए राजनीतिक अधिकारी किस तरह के निर्णय लेते है

दिसंबर 2 के फैसले का जिक्र किया गया

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति हो या श्री अकाल साहिब, वही प्रशासक कहते थे कि उन्होंने कानून क्यों नहीं बनाया. कानून बनने के बाद वे कहते थे – उन्होंने इसे क्यों बनाया? हमसे बिना पूछे बना दिया, हम कानून का पालन नहीं करते. इससे साबित होता है कि फैसले हर दिन बदलते रहते हैं. संगत को पता है कि किस तरह के फैसले लिए जाते हैं. बिना माफी मांगे किसी को कैसे माफ किया जा सकता है, किसी की माफी कैसे ठुकराई जा सकती है? और जो लोग 2 दिसंबर को आए और सब कुछ स्वीकार किया कि हमने बेअदबी की, गोलियां चलाईं, दोषी अधिकारियों को नियुक्तियां दीं और उनके परिवार को टिकट दिए, वे कैसे कह सकते हैं कि दूसरे या तीसरे दिन के बाद वे कहते हैं कि हम यहां आए और झूठ बोले. उनके खिलाफ कोई फैसला लेने का इरादा नहीं है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सिर्फ और सिर्फ मेरे खिलाफ इस तरह का दुष्प्रचार कर रहे हैं. मैं संगत से अपील करता हूं कि वे उनके ऐसे गंदे हथकंडों में न आएं. बाकी का फैसला संगत करेगी. जब तक मुझे यह सेवा मिलती रहेगी, मैं पंजाब के हित में फैसले लेता रहूंगा.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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