बस्तर के पूर्व आईजी सुंदरराज पी को NIA में मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने इंस्पेक्टर जनरल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए अपनी अलग पहचान बनाने वाले वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार सुंदरराज पी की नियुक्ति प्रतिनियुक्ति (Deputation) के आधार पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी में की गई है। मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया है, ताकि वे अपनी नई जिम्मेदारी जल्द संभाल सकें।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहा प्रभावी नेतृत्व
सुंदरराज पी ने छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित इलाकों में लंबे समय तक सेवाएं दी हैं। विशेष रूप से बस्तर संभाग में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। उनके नेतृत्व में कई बड़े सुरक्षा अभियान संचालित किए गए, जिनसे नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सुरक्षा बलों को सफलता मिली।
आंतरिक सुरक्षा और खुफिया समन्वय का व्यापक अनुभव
सुंदरराज पी को आंतरिक सुरक्षा, खुफिया समन्वय और विशेष सुरक्षा अभियानों का व्यापक अनुभव प्राप्त है। सुरक्षा रणनीति और जमीनी स्तर पर अभियानों के संचालन में उनकी दक्षता के कारण उन्हें देश के प्रमुख पुलिस अधिकारियों में गिना जाता है।
सबसे प्रभावशाली अधिकारियों में होती है गिनती
वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी लंबे समय तक बस्तर रेंज के आईजी रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान उनके कार्यों को व्यापक सराहना मिली। सुरक्षा मामलों में उनकी विशेषज्ञता और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी जैसी महत्वपूर्ण संस्था में जिम्मेदारी सौंपी है।
NIA में निभाएंगे अहम भूमिका
राष्ट्रीय जांच एजेंसी देश में आतंकवाद, संगठित अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच करने वाली प्रमुख एजेंसी है। ऐसे में सुंदरराज पी की नियुक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।











