HDFC Bank पर RBI का बड़ा एक्शन! नए चेयरमैन की नियुक्ति तुरंत तेज करने का आदेश; बैंकिंग गलियारे में मची हलचल

बैंकिंग सेक्टर के रेगुलेटर, भारतीय रिजर्व बैंक ने देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर एचडीएफसी बैंक को लेकर एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है. रिजर्व बैंक ने एचडीएफसी बैंक के बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह अपने आगामी चेयरमैन की नियुक्ति प्रोसेस को तुरंत ‘फास्ट-ट्रैक’ (तेज) करे. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय बैंक देश के टॉप प्राइवेट बैंक के नेतृत्व में किसी भी प्रकार की देरी या अनिश्चितता नहीं चाहता है. यही कारण है कि आरबीआई ने बैंक प्रशासन को समय रहते अगले अध्यक्ष के सेलेक्शन प्रोसेस को अंतिम रूप देने और योग्य उम्मीदवारों के नाम भेजने के लिए कहा है.
क्यों सख्त हुआ आरबीआई?
पिछले कुछ समय से आरबीआई भारतीय बैंकिंग सिस्टम में कॉर्पोरेट गवर्नेंस और सक्सेशन प्लानिंग को लेकर बेहद गंभीर रुख अपनाए हुए है. आरबीआई का मानना है कि एचडीएफसी बैंक जैसे व्यवस्थित रूप से महत्वपूर्ण बैंक के टॉप पोस्ट पर बदलाव का प्रोसेस पूरी तरह सुचारू होना चाहिए, ताकि बाजार और निवेशकों के भरोसे को कोई ठेस न पहुंचे. आरबीआई चाहता है कि बैंक का मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने से काफी पहले नए चेयरमैन के नामों का पैनल आरबीआई के पास मंजूरी के लिए आ जाए, जिससे आवश्यक बैकग्राउंड चेक और स्क्रूटनी समय पर पूरी हो सके.
HDFC बैंक के बोर्ड पर बढ़ा प्रेशर
इस निर्देश के बाद अब एचडीएफसी बैंक की ‘नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी’ (NRC) को नए चेयरमैन की तलाश के लिए अपनी बैठकों और शार्टलिस्टिंग की रफ्तार बढ़ानी होगी. एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक के ऐतिहासिक मर्जर (Merger) के बाद बैंक का आकार बहुत विशाल हो चुका है. ऐसे में नए चेयरमैन के कंधों पर बैंक को ग्लोबल लेवल पर आगे ले जाने और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी. शेयर बाजार और बैंक के लाखों रिटेल और विदेशी निवेशक इस नियुक्ति पर करीबी नजर रख रहे हैं. चेयरमैन पद पर किसी कद्दावर और अनुभवी बैंकिंग दिग्गज के आने से स्टॉक को भी पॉजिटिव सपोर्ट मिलने की उम्मीद है.
आगे क्या होगा?
आरबीआई के इस निर्देश के बाद, उम्मीद जताई जा रही है कि एचडीएफसी बैंक का बोर्ड आगामी कुछ हफ्तों के भीतर ही संभावित उम्मीदवारों के नामों की लिस्ट को मंजूरी देकर अंतिम मुहर के लिए रिजर्व बैंक के पास भेज देगा. आरबीआई के नियमों के अनुसार, प्राइवेट बैंकों के चेयरमैन और एमडी की नियुक्ति के लिए केंद्रीय बैंक की अंतिम अनुमति अनिवार्य होती है. रिजर्व बैंक का यह कदम साफ करता है कि वह देश की वित्तीय रीढ़ माने जाने वाले बड़े बैंकों के मैनेजमेंट और लीडरशिप ट्रांजिशन में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है. एचडीएफसी बैंक द्वारा नए चेयरमैन की तुरंत नियुक्ति से न केवल बैंक के कामकाज को गति मिलेगी, बल्कि पूरे बैंकिंग इंडेक्स को भी एक नई दिशा मिलेगी.











