‘वेश्याएं इनसे ज्यादा ईमानदार’, ऑपरेशन टाइगर पर भड़के राउत ने याद की बालासाहेब ठाकरे की टिप्पणी

महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहे ‘ऑपरेशन टाइगर’ और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 6 सांसदों के संभावित दलबदल ने अब तक का सबसे तीखा और अमर्यादित मोड़ ले लिया है। अपने सांसदों के बागी रुख अपनाने और एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की खबरों से पूरी तरह भड़के यूबीटी के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक बेहद आक्रामक और विवादित सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया है।

राउत ने इस पोस्ट में प्रसिद्ध विचारक आचार्य दादा धर्माधिकारी और शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के पुराने बयानों का हवाला देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और बागी नेताओं पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। इस ट्वीट के बाद राज्य का सियासी माहौल पूरी तरह गर्मा गया है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि महायुति इस पर क्या पलटवार करती है।

बालासाहेब के बयानों से राउत का वार
संजय राउत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा, “आचार्य दादा धर्माधिकारी ने एक बार कहा था कि धन का साम्राज्य असल में वेश्याओं का साम्राज्य होता है! इसी बात को आगे बढ़ाते हुए खुद हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे ने कहा था कि वर्तमान राजनीति की दुर्दशा को देखते हुए मैं खुलकर कहना चाहता हूं कि वेश्याएं इनसे कहीं ज्यादा अच्छी और ईमानदार होती हैं।” राउत ने आगे लिखा कि सत्ता और पैसे के लालच में महाराष्ट्र को इस समय राजनीतिक खेल का मैदान बना दिया गया है और इस कृत्य के लिए इतिहास भारतीय जनता पार्टी को कभी भी माफ नहीं करेगा।

श्रीकांत शिंदे संभाल रहे कानूनी मोर्चा
दूसरी तरफ, पर्दे के पीछे चल रहे ‘ऑपरेशन टाइगर‘ को लेकर कड़े कानूनी और तकनीकी घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, एकनाथ शिंदे पिछले एक महीने से इन सांसदों के सीधे संपर्क में हैं। दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत संसद सदस्यता रद्द होने से बचने के लिए कुल 9 में से दो-तिहाई (6 सांसदों) का स्वतंत्र गुट बनाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि इस पूरी कानूनी रणनीति में सांसद श्रीकांत शिंदे दिल्ली में वकीलों के साथ मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। पहले यह विलय 19 जून को शिवसेना के स्थापना दिवस पर होना था, लेकिन कुछ तकनीकी पेंच फंसे होने के कारण अब इसकी आधिकारिक घोषणा 21 जून 2026 के बाद होने की संभावना है।

दिल्ली में आज यूबीटी का ‘लिटमस टेस्ट’
इस महा-संकट के बीच, उद्धव ठाकरे गुट ने आज सुबह 11 बजे नई दिल्ली में अपने संसदीय दल की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है, जिसे सांसदों की वफादारी का अंतिम ‘लिटमस टेस्ट’ माना जा रहा है। पार्टी ने अयोग्यता की चेतावनी देते हुए सभी सांसदों को सख्त ‘व्हिप’ जारी किया है। हालांकि, ठाकरे खेमे का आंतरिक दावा है कि 6 में से 2 सांसदों को शिंदे गुट द्वारा दिए गए कुछ वादे पूरे नहीं हुए हैं, जिसके कारण उन्होंने अभी तक लोकसभा अध्यक्ष को सौंपे जाने वाले पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। यदि आज दोपहर की बैठक में वे सांसद शामिल हो जाते हैं, तो ‘ऑपरेशन टाइगर’ पूरी तरह फेल हो सकता है। अब देखना यह है कि दोपहर तक दिल्ली की इस बैठक से क्या तस्वीर साफ होती है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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