भाई को बचाने के लिए पैंथर से भिड़ गई बहन, जबड़े से खींचकर बचाई जान

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के खंडार क्षेत्र में भाई-बहन के अटूट रिश्ते और साहस की मिसाल देखने को मिली है. रणथंभौर से सटे टोडरा गांव में एक बहन ने अपनी जान की परवाह किए बिना पैंथर के जबड़े से अपने भाई को खींचकर उसकी जान बचाई. इस घटना और बहन के साहस की चारो ओर चर्चा हो रही है. राखी का त्योहार भले अभी दूर हो, लेकिन राधा ने अपने साहस और प्रेम से यह साबित कर दिया कि भाई-बहन का रिश्ता सिर्फ एक धागे का नहीं, बल्कि विश्वास, त्याग और हिम्मत की सबसे मजबूत डोर का नाम है.

रणथंभौर की फलौदी रेंज से निकलकर एक पैंथर मंगलवार देर रात टोडरा गांव के गुर्जर मोहल्ले में पहुंच गया. गर्मी और बिजली कटौती के कारण बद्रीलाल गुर्जर का परिवार मकान की छत पर सो रहा था. रात करीब एक बजे पैंथर छत पर पहुंचा और वहां सो रहे 15 वर्षीय राज गुर्जर के सिर को तकिए सहित जबड़े में दबोच लिया. इसके बाद वह राज को घसीटते हुए छत के दूसरे छोर की ओर ले जाने लगा.

राधा ने कैसे बचाई भाई की जान?

राज की चीख सुनकर पास में सो रही उसकी 20 वर्षीय बहन राधा गुर्जर की नींद खुल गई. सामने भाई को पैंथर के जबड़ों में फंसा देखकर भी राधा घबराई नहीं. उसने तुरंत दौड़कर भाई के पैर पकड़ लिए और पूरी ताकत से अपनी ओर खींचने लगी. कुछ देर तक पैंथर और राधा के बीच भाई को लेकर खींचतान चलती रही. इसी दौरान परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी भी जाग गए और शोर मचाने लगे. लोगों की आवाज सुनकर पैंथर राज को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया.

सिर में हो गया दो इंच का घाव

घायल राज को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है. परिजनों के अनुसार पैंथर के हमले से उसके सिर में करीब दो इंच और कनपटी पर डेढ़ इंच गहरे घाव हो गए हैं. पैंथर द्वारा घसीटे जाने से उसकी पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई हैं. राधा ने बताया कि पैंथर आसानी से भाई को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था और उसे लगातार घसीट रहा था. अगर कुछ सेकंड और देर हो जाती तो भाई को बचा पाना मुश्किल हो सकता था.

गांव में दहशत का माहौल

घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताई. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो महीनों से पैंथर लगातार आबादी क्षेत्र में देखा जा रहा है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है.

ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में पिछले दो महीनों में पैंथर की 30 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं. कई पालतू पशुओं का शिकार किया जा चुका है और लोगों पर हमले की कोशिशें भी हुई है. इसके बावजूद वन विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com