दो दशक पुराने चर्चित निंबालकर हत्याकांड में आज आएगा फैसला, सभी की निगाहें अदालत पर

करीब 20 साल 17 दिन पुरानी कानूनी लड़ाई के बाद कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर और उनके चालक समद काजी हत्याकांड में आज अदालत अपना फैसला सुनाएगी। इस बहुचर्चित मामले में पूर्व गृह मंत्री पद्मसिंह पाटिल समेत नौ आरोपी शामिल हैं। फैसले को लेकर पीड़ित परिवारों के साथ-साथ राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें अदालत पर टिकी हुई हैं।
पूर्व मंत्री समेत नौ आरोपी अदालत में होंगे मौजूद
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश की अदालत में चल रही है। अदालत ने पूर्व गृह मंत्री पद्मसिंह पाटिल सहित सभी नौ आरोपियों को सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि राजनीतिक और व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के चलते हत्या की साजिश रची गई थी। इस मामले में पद्मसिंह पाटिल के अलावा कई अन्य आरोपियों के नाम भी जांच में सामने आए थे।
न्याय की उम्मीद में पीड़ित परिवार
फैसले के दिन निंबालकर परिवार और समद काजी का परिवार अदालत में मौजूद रहेगा। सांसद ओमराजे निंबालकर ने कहा कि उनका परिवार पिछले 20 वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। वहीं समद काजी के परिजनों ने भी दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि घटना के बाद उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
2006 में हुई थी सनसनीखेज हत्या
3 जून 2006 को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर पवनराजे निंबालकर और उनके चालक समद काजी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में मामले की जांच स्थानीय पुलिस ने की, लेकिन बाद में अदालत के निर्देश पर जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी गई। जांच के दौरान फोरेंसिक साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजी प्रमाण अदालत में पेश किए गए। अभियोजन पक्ष का दावा है कि हत्या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और चीनी मिल प्रबंधन से जुड़े विवादों का परिणाम थी। अब लंबे इंतजार के बाद इस बहुचर्चित मामले में अदालत का फैसला आने जा रहा है।











