लिव-इन में रहने पर पंचों ने लगाया 21लाख का जुर्माना:दो परिवारों का हुक्का-पानी बंद किया, सामाजिक कार्यक्रम से निकाला; धार्मिक स्थल पर एंट्री बैन की

जालोर में पंचायत का तुगलकी फरमान सामने आया है। पंचों ने लिव इन में रह रहे युवक (22) और युवती (21) पर 21 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही युवक-युवती के परिवार को समाज से बहिष्कृत कर हुक्का-पानी बंद कर दिया। पंचों ने धार्मिक स्थल पर जाने की भी रोक लगा दी।
6 जून को रिश्तेदार की मौत पर 12वें में शामिल होने पहुंचे तो वहां से भी उन्हें निकाल दिया गया। मामले में 29 जून को पीड़ित परिवार एसपी ऑफिस पहुंचा और 11 नामजद आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की।
जालोर एसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया- इस मामले में जांच चल रही है। सायला SHO महिपाल सिंह खुद मामले की जांच कर रहे हैं, कार्रवाई करेंगे।
मर्जी से रह रहे, परिवार को की आपत्ति नहीं
पीड़ितों ने बताया- लड़की का बाल विवाह हुआ था, बालिग होने के बाद 2024 में तलाक लेकर अलग रह रही थी। 1 नवंबर 2025 से युवती मर्जी से समाज के युवक के साथ लिव इन में रहने लगी। दोनों के इस फैसले से समाज के पंच नाराज हो गए।
पीड़ितों ने बताया- फरवरी महीने में धर्मस्थल पर हुई एक सभा में पंचों ने परिवार को बुलाकर चेतावनी दी थी कि दोनों लिव इन में नहीं रह सकते। युवती को वापस उसके माता-पिता के घर छोड़ दिया जाए। इसके लिए पीड़ित परिवार को 2 महीने का समय दिया था।
21 लाख जुर्माना, समाज से बाहर निकाला
2 महीने पूरे होने के बाद 20 अप्रैल 2026 को एक पंच के घर फिर से पंचायत बुलाई गई। इसमें करीब 11 नामजद आरोपियों समेत 61 लोग शामिल हुए थे। पंचायत में पंच ने खड़े होकर पूरे परिवार पर 21 लाख रुपए देने का जुर्माना लगा दिया। साथ ही, परिवार का हुक्का-पानी बंद कर समाज से बाहर (न्यात बाहर) करने का फरमान जारी कर दिया। दावा है कि समाज से बहिष्कृत करने का एक लिखित दस्तावेज भी तैयार किया गया है, जो मुख्य आरोपी के पास है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस फरमान के बाद से समाज का कोई भी व्यक्ति उनसे बातचीत नहीं करता है। इसके साथ ही धर्म स्थल पर भी एंट्री बंद करवा दी है। न समाज के कार्यक्रम में शामिल होने दिया जा रहा है।
पूर्व सरपंच को भी नहीं छोड़ा, पंचों का इलाके में खौफ
परिवार ने 1 जून को सायला थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें 11 पंचों के नाम लिखे हैं। जिसमें लतीफ खां, नैने खां, मटार खां, जुसे खां, समीर खां, शुमार खां, शौकत खां, आलम खां, युसुफ खां, इस्माइल खां और हिंदे खां के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि 2 महीना बीत जाने के बाद भी पंचों पर कार्रवाई नहीं हुई है। रिपोर्ट में बताया है कि इलाके में पंचों का खौफ है। इनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं देता है। इससे पहले भी एक पूर्व सरपंच को समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुनाया था।











