छात्र आंदोलन पर SC का बाद आदेश, क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले छात्रों के नहीं होंगे वापस

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी के छात्र आंदोलनों में शामिल प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत दी है. अलग-अलग याचिकाओं पर सुनावाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर या किसी भी राज्य में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं करेगी. शीर्ष अदालत ने कहा कि यह राहत केवल निर्दोष छात्रों के लिए है.
कोर्ट ने बेकसूरों और नाबालिगों को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया. वहीं, जिन लोगों का पुराना आपराधिक बैकग्राउंड है, उनके खिलाफ केस वापस नहीं होंगे. चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह फैसला सुनाया.
क्रिमिनल बैकग्राउंड के 989 प्रदर्शनकारी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज से पहचाने गए 2873 प्रदर्शनकारियों में से 989 लोगों का आपराधिक इतिहास पाया गया. इन लोगों पर हत्या, डकैती, लूट, यौन उत्पीड़न, अपहरण और अन्य अपराधों के मामले शामिल हैं.
सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने पैलेट गन-इलेक्ट्रिक बैटन के इस्तेमाल का भी जिक्र किया. कोर्ट ने कहा कि पुलिस की ज्यादतियों से जुड़े सभी आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच जरूरी है. कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को अपना पक्ष रखने का मौका दिया. CJI सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि जिन अन्य राज्यों में हिंसा हुई, वे भी अपना पक्ष रख सकते हैं.
छात्रों का विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण था- SC
सीजेआई ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह के आंदोलन तो होंगे ही. यह छात्रों का पूरी तरह से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन था जिसमें कुछ मांगें रखी गई थीं. यह संवैधानिक दायरे में था. कोर्ट ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान ज्यादती की घटनाओं की गहन और पारदर्शी जांच होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने लाठीचार्ज से जुड़े सभी मामलों को एक साथ जोड़ दिया है. सभी मामलों की सुनवाई एकसाथ तीन अगस्त को होगी.
SC ने कहा- सभी सबूत सुरक्षित रखे जाएं
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि सभी सबूत सुरक्षित रखे जाएं ताकि जांच में उनका इस्तेमाल हो सके. कोर्ट ने कहा है कि पुलिस सभी सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन वीडियो, बॉडी-वॉर्न कैमरा की रिकॉर्डिंग, वायरलेस का रिकॉर्ड और पीसीआर कॉल रिकॉर्ड सुरक्षित रखें. कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का डिजिटल डेटा को भी सुरक्षित रखा जाए.











