वीएसके ऐप से ऑनलाइन हाजिरी पर बढ़ा विवाद, शिक्षकों ने 7 अगस्त से आंदोलन की दी चेतावनी

छत्तीसगढ़ में स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के लिए लागू किए गए वीएसके (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब शिक्षकों को स्कूल पहुंचते ही ऐप के माध्यम से पंच-इन और छुट्टी के समय पंच-आउट करना होगा। विभाग ने यह भी कहा है कि डिजिटल उपस्थिति के आधार पर ही वेतन का भुगतान किया जाएगा। ऐसे में यदि किसी दिन ऐप में उपस्थिति दर्ज नहीं होती या समय पर पंच-इन और पंच-आउट नहीं हो पाता है, तो वेतन प्रभावित हो सकता है। इस व्यवस्था के विरोध में शिक्षक संगठनों ने 7 अगस्त को आंदोलन की चेतावनी दी है।
तकनीकी खामियों को लेकर शिक्षकों का विरोध
शिक्षकों का कहना है कि वीएसके ऐप में कई तकनीकी समस्याएं हैं। उनका आरोप है कि ऐप सही लोकेशन और समय दर्ज नहीं करता, जबकि कई दूरस्थ स्कूलों में नेटवर्क की समस्या के कारण उपस्थिति दर्ज करना भी मुश्किल हो जाता है। कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें शिक्षक उफनती नदी पार कर स्कूल पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में केवल मोबाइल ऐप के भरोसे उपस्थिति दर्ज करना व्यवहारिक नहीं है।
संगठनों ने मैनुअल रजिस्टर और बायोमेट्रिक व्यवस्था की मांग उठाई
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन और छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने मांग की है कि जब तक वीएसके ऐप पूरी तरह तकनीकी रूप से सक्षम नहीं हो जाता, तब तक स्कूलों में प्राचार्य और प्रधान पाठक द्वारा संधारित उपस्थिति रजिस्टर को भी मान्य रिकॉर्ड माना जाए। उनका कहना है कि यदि शिक्षक स्कूल में उपस्थित रहा है और रजिस्टर में हस्ताक्षर किए हैं, तो केवल ऐप में रिकॉर्ड दर्ज न होने के आधार पर वेतन नहीं रोका जाना चाहिए। संगठनों ने सभी स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाने की भी मांग की है ताकि डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था अधिक विश्वसनीय बन सके।
7 अगस्त को आंदोलन की चेतावनी, विभाग पर टिकी निगाहें
शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि ऐप की तकनीकी समस्याओं के बावजूद वेतन कटौती या दंडात्मक कार्रवाई की गई तो 7 अगस्त को प्रदेशभर में डीडीओ कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। वहीं, छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री आवास के घेराव सहित बड़े आंदोलन की भी बात कही है। हालांकि शिक्षा विभाग का दावा है कि लगभग 83 प्रतिशत शिक्षक वीएसके ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं, लेकिन शिक्षक संगठनों का कहना है कि उपस्थिति दर्ज होना और पूरे महीने का त्रुटिरहित रिकॉर्ड उपलब्ध होना अलग-अलग बातें हैं। ऐसे में अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग के अगले फैसले पर टिकी हैं।











