CGPSC भर्ती घोटाला: पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी की आज कोर्ट में पेशी, ED फिर मांग सकती है रिमांड

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) आज पीएमएलए की विशेष अदालत में पेश करेगा। पांच दिन की रिमांड पूरी होने के बाद एजेंसी अदालत से दोबारा पूछताछ के लिए रिमांड या फिर न्यायिक अभिरक्षा की मांग कर सकती है। ईडी का दावा है कि पूछताछ के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।

डिजिटल साक्ष्य और मनी ट्रेल की जांच

ईडी के अनुसार जांच में ऐसे दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनसे भर्ती प्रक्रिया में कथित हेराफेरी और अवैध आर्थिक लेन-देन के संकेत मिले हैं। एजेंसी का आरोप है कि वर्ष 2021 में भर्ती नियमों में परिवार की परिभाषा में बदलाव कर हितों के टकराव से जुड़े प्रावधानों को कमजोर किया गया, जिससे रिश्तेदारों के चयन का रास्ता आसान हुआ। ईडी का यह भी दावा है कि कथित अपराध से अर्जित रकम का एक हिस्सा नकद में लिया गया, जबकि शेष राशि बैंकिंग चैनलों और विभिन्न खातों के जरिए स्थानांतरित की गई। इसी मनी ट्रेल की जांच के लिए सोनवानी से लगातार पूछताछ की जा रही है।

पूछताछ में सहयोग नहीं करने का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि पीएमएलए की धारा-50 के तहत दर्ज बयान के दौरान टामन सिंह सोनवानी ने कई महत्वपूर्ण सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए और आवश्यक जानकारियां छिपाईं। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ में पूरा सहयोग नहीं मिलने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया, ताकि मामले में अन्य संदिग्धों और आर्थिक लेन-देन की कड़ियों तक पहुंचा जा सके।

EOW-ACB और CBI जांच के आधार पर कार्रवाई

मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की एफआईआर और बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के आधार पर दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार वर्ष 2020 और 2021 की CGPSC राज्य सेवा परीक्षा में आपराधिक साजिश, प्रश्नपत्र लीक, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच जारी है। ईडी का आरोप है कि टामन सिंह सोनवानी ने कुछ अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर कथित तौर पर चयन प्रक्रिया में हेराफेरी की, ताकि रिश्तेदारों और पसंदीदा अभ्यर्थियों का डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित अन्य पदों पर चयन सुनिश्चित किया जा सके। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई और जांच पूरी होने के बाद ही होगा। फिलहाल ईडी मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका, बैंक लेन-देन और मनी ट्रेल की गहन जांच कर रही है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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