रेप के आरोपी आसाराम को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत देने से किया इंकार..जानिए क्यों

सुप्रीम कोर्ट ने 2013 के रेप केस में सजा काट रहे कथावाचक आसाराम को अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया है. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने एम्स की रिपोर्ट आधार पर फिलहाल अंतरिम राहत देने से इंकार किया, जिसमें कहा गया है कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें ट्रेंड केयरगिवर्स की चौबीसों घंटे मदद की जरूरत है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने पहले ही कहा है कि हम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे बढ़ेंगे. हमने रिपोर्ट देख ली है, राज्य सरकार इस रिपोर्ट का पालन करते हुए यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें चौबीसों घंटे किस तरह से मदद दी जाए. एसजी तुषार मेहता ने कहा कि वह अपनी पसंद का व्यक्ति चुन सकते हैं. आसाराम के वकील ने कहा कि वह व्यक्ति एक्सपर्ट होना चाहिए, क्योंकि वह पहले से ही कई बीमारियों से जूझ रहे हैं.
हालात और बिगड़ते हैं तो जानकारी दी जाए
इसके जवाब में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं करेगा. कोर्ट ने बस इतना कहा कि सॉलिसिटर जनरल (SG) के बताए अनुसार मदद लेने का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा, और साथ ही यह भी कहा कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो उन्हें इसकी जानकारी दी जाए.
कोर्ट से छिपाई पैरोल की बात
एसजी तुषार मेहता ने बताया कि एक बात छिपाई गई थी. यह याचिका दायर करने के बाद, पैरोल के लिए एक अर्जी दी गई थी. पैरोल की कार्यवाही के दौरान, यह बात नहीं बताई गई कि यहां एक याचिका लंबित है. वहीं दूसरी ओर, इस कार्यवाही में यह भी नहीं बताया गया कि पैरोल की अर्जी दायर की गई थी और हाई कोर्ट ने मेडिकल आधार पर 20 दिन की पैरोल मंजूर की थी.
क्या बोले आसाराम के वकील?
आसाराम के वकील ने बताया कि पैरोल की अर्जी काफी समय पहले ही दाखिल की गई थी, लेकिन मेडिकल आधार पर उसे मंजूरी नहीं मिली नाराजगी जाहिर करते हुए कोर्ट ने कहा कि यह सही नहीं है. वकील ने कहा कि तथ्यों को सही ढंग से पेश नहीं किया जा रहा है.











