इसबगोल के 1 चम्मच का कमाल! जानिए शुगर, कोलेस्ट्रॉल और हार्ट पर क्या असर पड़ता है

भारतीय घरों में इसबगोल का इस्तेमाल सालों से कब्ज और पेट की समस्याओं के घरेलू इलाज के तौर पर किया जाता रहा है. आयुर्वेद में भी इसे पाचन को बेहतर बनाने वाली एक असरदार औषधि माना गया है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसबगोल सिर्फ पेट साफ करने तक सीमित नहीं है? आज कई पोषण विशेषज्ञ और स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि इसबगोल ब्लड शुगर कंट्रोल करने, कोलेस्ट्रॉल कम करने और दिल को स्वस्थ रखने में भी मदद कर सकता है.

दरअसल, इसबगोल में मौजूद घुलनशील फाइबर शरीर में कई तरह से काम करता है, जिसकी वजह से यह आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी कई समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है.

इसबगोल कौन-कौन सी बीमारी में काम आता है?

इसबगोल इतना खास क्यों है?

इसबगोल प्लांटागो ओवाटा (Plantago ovata) नामक पौधे के बीजों के छिलके से तैयार किया जाता है. इसी छिलके को प्रोसेस करके इसबगोल की भूसी बनाई जाती है. यह भूसी डायट्री फाइबर से भरपूर होती है, जो पाचन तंत्र, मेटाबॉलिज्म, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है.

जब इसबगोल पानी के संपर्क में आता है तो यह एक जेल जैसा पदार्थ बना लेता है. यह जेल भोजन के पाचन की गति को धीमा कर देता है, जिससे शरीर में शुगर का अवशोषण धीरे-धीरे होता है. इसके अलावा यह कोलेस्ट्रॉल को बांधकर शरीर से बाहर निकालने में भी मदद कर सकता है.

इसबगोल (Psyllium Husk) के पोषण मूल्य | Nutritional Value of Isabgol
इसबगोल का सबसे बड़ा पोषक तत्व फाइबर है. इसमें कैलोरी, फैट और प्रोटीन बहुत कम मात्रा में होते हैं, जबकि घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है.

प्रति 100 ग्राम इसबगोल में लगभग:

  • ऊर्जा (Calories): 200-336 kcal
  • कुल कार्बोहाइड्रेट: 84-88 ग्राम
  • डायट्री फाइबर: 71-80 ग्राम
  • प्रोटीन: लगभग 2 ग्राम
  • वसा (Fat): 0.6-1 ग्राम
  • कैल्शियम: 80-200 मिग्रा
  • आयरन: 1.5-4.3 मिग्रा
  • पोटैशियम: 110-260 मिग्रा
  • मैग्नीशियम: 70-80 मिग्रा
  • सोडियम: 10-50 मिग्रा

1 बड़ा चम्मच (लगभग 5 ग्राम) इसबगोल में:

  • कैलोरी: 15-20
  • कार्बोहाइड्रेट: 4 ग्राम
  • फाइबर: करीब 4 ग्राम
  • फैट: 0 ग्राम
  • प्रोटीन: 0 ग्राम

इसबगोल के पोषण मूल्य (100 ग्राम में)

  • फाइबर: 71-80 ग्राम
  • कार्बोहाइड्रेट: 84-88 ग्राम
  • प्रोटीन: 2 ग्राम
  • वसा: 1 ग्राम से कम
  • कैल्शियम: 80-200 मिग्रा
  • आयरन: 1.5-4.3 मिग्रा
  • पोटैशियम: 110-260 मिग्रा

इसबगोल में मौजूद घुलनशील फाइबर पानी सोखकर जेल जैसा पदार्थ बनाता है, जो पाचन, ब्लड शुगर कंट्रोल और कोलेस्ट्रॉल मैनेजमेंट में मदद कर सकता है.

ब्लड शुगर कंट्रोल करने में कैसे मदद करता है इसबगोल?

डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए इसबगोल फायदेमंद माना जाता है. इसके पीछे कई वजहें हैं. चल‍िए जानते हैं इसबगोल कैसे ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है-

  1.  इसबगोल ग्लूकोज का अवशोषण धीमा करता है : इसबगोल से बनने वाला जेल कार्बोहाइड्रेट के टूटने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है. ऐसा होने से आपके खाने के बाद ब्लड शुगर के एकदम से बढ़ने की संभावना कम हो सकती है.
  2.  इंसुलिन रिस्पॉन्स बेहतर बनाने में मददगार है इसबगोल : जब पाचन की गति धीमी रहती है तो शरीर इंसुलिन का इस्‍तेमाल सही तरह से करता है. इससे ब्लड शुगर को स्‍टेबल रखने में मदद मिल सकती है.
  3.  वजन नियंत्रित रखने में सहायक : इसबगोल लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास देता है. इससे बार-बार भूख लगने और ज्यादा खाने की आदत पर नियंत्रण पाया जा सकता है, जो डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है.
  4.  HbA1c स्तर में सुधार : कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि नियमित रूप से इसबगोल का सेवन लंबे समय में ब्लड शुगर से जुड़े संकेतकों, जैसे HbA1c, में सुधार करने में मदद कर सकता है.

दिल की सेहत के लिए भी है फायदेमंद

हम सभी जानते हैं कि भारत में द‍िल के रोग तेजी से बढ़ रहे हैं. कम उम्र के युवा भी द‍िल के रोगों से पीड‍़‍ित हैं. खराब खानपान, कम एक्‍सरसाइज और कोलेस्ट्रॉल के हाई लेवल इसकी बड़ी वजह हैं. ऐसे में इसबगोल दिल की सेहत को बेहतर रखने में मददगार साबित हो सकता है.

एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद

इसबगोल का घुलनशील फाइबर पाचन तंत्र में कोलेस्ट्रॉल और बाइल एसिड से जुड़ जाता है, जिससे इन्हें शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है. इससे एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो सकता है.

धमनियों को स्वस्थ रखने में सहायक

कोलेस्ट्रॉल जमा होने की प्रक्रिया को कम करके यह ब्लड फ्लो को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है, जिससे धमनियों में रुकावट का खतरा घट सकता है.

ब्लड प्रेशर को सपोर्ट

फाइबर से भरपूर डाइट मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है, जिसका सकारात्मक असर ब्लड प्रेशर पर भी पड़ सकता है.

इसबगोल के अन्य फायदे

  • ब्लड शुगर और दिल की सेहत के अलावा भी इसबगोल कई तरह से फायदेमंद माना जाता है.
  • कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है.
  • पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है.
  • पेट फूलने और एसिडिटी की समस्या कम कर सकता है.
  • वजन घटाने में सहायक हो सकता है.
  • आंतों में अच्छे बैक्टीरिया के विकास को सपोर्ट करता है.
  • पर्याप्त पानी के साथ लेने पर लंबे समय तक सुरक्षित माना जाता है.

इसबगोल का सेवन कैसे करें?

अधिकतम फायदा पाने के लिए इसका सही तरीके से सेवन करना जरूरी है.

  • 1 से 2 चम्मच इसबगोल एक गिलास पानी में मिलाकर लें.
  • भोजन के बाद सेवन करना फायदेमंद माना जाता है.
  • गुनगुने पानी या दूध के साथ भी लिया जा सकता है.
  • इसे कभी भी सूखा न खाएं, क्योंकि इससे गले में अटकने का खतरा हो सकता है.

यदि आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं या दवाएं ले रहे हैं तो सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें.

कुल म‍िलाकर

इसबगोल सिर्फ कब्ज दूर करने वाला घरेलू नुस्खा नहीं है. इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर ब्लड शुगर कंट्रोल करने, कोलेस्ट्रॉल कम करने और दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. यही वजह है कि आज भी यह भारतीय घरों में सबसे भरोसेमंद प्राकृतिक सप्लीमेंट्स में से एक माना जाता है. हालांकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए इसे इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा माना जाना चाहिए.

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पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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