BREAKING: 3400 करोड़ के शराब घोटाले में कांग्रेस नेता रामगोपाल गिरफ्तार, ED आज कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगेगी

रायपुर, 11 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रहे रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। करीब 3400 करोड़ रुपए के कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में ED अब उनसे आगे की पूछताछ करेगी। एजेंसी उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड मांग सकती है।
ED के वकील सौरभ पांडेय ने रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी शराब कारोबार में कथित लेन-देन, नेटवर्क और अन्य आरोपियों से उनके संबंधों को लेकर पूछताछ कर सकती है।
EOW के बाद अब ED करेगी पूछताछ
रामगोपाल अग्रवाल को इससे पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने भी मामले में गिरफ्तार कर पूछताछ की थी। EOW की कार्रवाई के बाद अब ED ने उन्हें अपने केस में गिरफ्तार किया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, शराब घोटाले के अलावा कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े कथित पैसों के लेन-देन में भी रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका की जांच की गई है। एजेंसी का दावा है कि इन मामलों से जुड़े दस्तावेजों और अन्य आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई है।
करीब तीन साल तक फरार रहे, 8 जुलाई को किया था सरेंडर
रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक फरार रहे थे। उन्होंने 8 जुलाई को EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था। इसके बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और उन्हें अदालत में पेश किया गया।
कोर्ट ने 9 जुलाई को उन्हें 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 5 अगस्त तक EOW की कस्टडी में रखा गया था। अब ED ने शराब घोटाले से जुड़े मामले में उन्हें गिरफ्तार किया है।
जेल भेजे जाने से पहले भूपेश बघेल ने की थी मुलाकात
रामगोपाल अग्रवाल से 25 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने मुलाकात की थी। उस समय भूपेश बघेल ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेताओं को बदनाम करने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
रामगोपाल अग्रवाल लंबे समय तक कांग्रेस संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते रहे हैं और प्रदेश कांग्रेस कमेटी में कोषाध्यक्ष भी रहे हैं।
क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला?
छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले की जांच ED और EOW-ACB सहित जांच एजेंसियां कर रही हैं। ED ने इस मामले में ACB में FIR भी दर्ज कराई है। एजेंसी की जांच में सरकारी शराब कारोबार में कथित अनियमितता, अवैध वसूली और पैसों के लेन-देन के आरोप सामने आए हैं।
ED के अनुसार, तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में कुछ अधिकारियों और कारोबारियों के कथित सिंडिकेट के जरिए शराब कारोबार में अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। जांच में तत्कालीन IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं।
डुप्लीकेट होलोग्राम से शराब बिक्री का आरोप
ACB की जांच के मुताबिक, 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब दुकानों से कथित तौर पर डुप्लीकेट होलोग्राम लगी शराब बेचे जाने का मामला सामने आया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इससे सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ।
एजेंसियां शराब की खरीद-बिक्री, कथित अवैध वसूली और उससे जुड़े पैसों के लेन-देन की जांच कर रही हैं। मामले में अब तक कई आरोपियों से पूछताछ और कार्रवाई हो चुकी है।
ED की जांच में आगे क्या?
रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद ED अब उनसे कथित शराब घोटाले में पैसों के लेन-देन, संबंधित लोगों से संपर्क और पूरे नेटवर्क में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ कर सकती है।
कोर्ट में पेशी के दौरान ED उनकी रिमांड की मांग कर सकती है। कोर्ट के आदेश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि एजेंसी को पूछताछ के लिए कितने दिनों की हिरासत मिलती है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और लोगों की भूमिका या नए लेन-देन सामने आने की संभावना है।











