Electric Vehicle Buyers के लिए खुशखबरी! PM E-DRIVE स्कीम मार्च 2028 तक बढ़ी, जानें कितनी मिलेगी सब्सिडी

नई दिल्ली

भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को बढ़ावा देने के लिए PM E-DRIVE Scheme की अवधि बढ़ा दी है. अब इस योजना का फायदा 31 मार्च 2028 तक लिया जा सकता है. भारत सरकार के इस फैसले से देश में Electric Vehicle यानी EV की बिक्री बढ़ाने के साथ-साथ घरेलू EV मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वाले कस्टमर्स को योजना के तहत मिलने वाला इंसेंटिव भी जारी रहेगा। 

31 मार्च 2028 तक जारी रहेगी PM E-DRIVE Scheme
भारी उद्योग मंत्रालय ने 10 अगस्त 2026 को जारी नोटिफिकेशन में PM E-DRIVE Scheme की अवधि बढ़ाने की जानकारी दी. अब योजना 31 मार्च 2028 तक लागू रहेगी. इस योजना के लिए कुल 11,900 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है. आपको बता दें कि PM E-DRIVE का मुख्य उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिर व्हीकल की बिक्री को बढ़ाना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है. भारत में EV मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करना है. सरकार का फोकस इलेक्ट्रिक वाहनों को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ देश में इनके निर्माण से जुड़े पूरे सिस्टम को डेवलप करने पर है। 

इलेक्ट्रिक दोपहिया पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?
नई व्यवस्था के तहत रजिस्टर्ड इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स प
र 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 तक खरीदारी इंसेंटिव जारी रहेगा. सरकार ने इंसेंटिव 2,500 रुपये प्रति kWh तय किया है. हालांकि एक इलेक्ट्रिक दोपहिया पर अधिकतम 5,000 रुपये तक का ही फायदा मिलेगा. यानी बैटरी की क्षमता के हिसाब से इंसेंटिव बढ़ेगा, लेकिन सरकार की तय अधिकतम सीमा से ज्यादा सब्सिडी नहीं मिलेगी. इसके अलावा इंसेंटिव वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत के 15% या तय इंसेंटिव राशि, जो भी कम होगी, तक सीमित रहेगा। 

योजना के तहत एलिजिबल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की अधिकतम एक्स-फैक्ट्री कीमत 1.5 लाख रुपये तय की गई है. इसका मतलब है कि इससे ज्यादा कीमत वाले वाहन इस इंसेंटिव के लिए एलिजिबल नहीं होंगे। 

45.79 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया को मिलेगा फायदा
सरकार के मुताबिक PM E-DRIVE के तहत अधिकतम 45,79,120 Electric Two-Wheelers को इंसेंटिव दिया जाएगा. इसके लिए भारी उद्योग मंत्रालय की ओर से कुल 2,767 करोड़ की फंडिंग का प्रावधान किया गया है. ये आंकड़ा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के बाजार के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इंसेंटिव जारी रहने से ग्राहकों की शुरुआती खरीद लागत कम हो सकती है. इससे कंपनियों को भी ज्यादा इलेक्ट्रिक मॉडल बेचने में मदद मिल सकती है। 

हालांकि, मौजूदा इंसेंटिव पहले की तुलना में कम है. FY2024-25 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए इंसेंटिव 5,000 रुपये प्रति kWh था और इसकी अधिकतम सीमा 10,000 रुपये प्रति वाहन थी. अब प्रति kWh और अधिकतम दोनों इंसेंटिव को घटाया गया है। 

सरकार जरूरत के हिसाब से बदल सकती है इंसेंटिव
सरकार ने ये भी साफ किया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में कमी आने के आधार पर प्रति kWh इंसेंटिव की समीक्षा की जा सकती है. जरूरत के अनुसार इसे समय-समय पर नोटिफाई किया जाएगा. सरकार ने साफ किया है कि PM E-DRIVE एक फंड-लिमिटेड स्कीम है. इसका मतलब है कि योजना के तहत कुल भुगतान 11,900 करोड़ के निर्धारित बजट से ज्यादा नहीं होगा। 

अगर 31 मार्च 2028 से पहले योजना के किसी हिस्से या पूरे फंड की राशि खत्म हो जाती है तो संबंधित कंपोनेंट्स को पहले ही बंद किया जा सकता है. इसके बाद नए क्लेम स्वीकार नहीं किए जाएंगे. इसलिए सिर्फ योजना की अंतिम तारीख देखकर ये मानना सही नहीं होगा कि हर एलिजिबल व्हीकल को 31 मार्च 2028 तक निश्चित रूप से इंसेंटिव मिलता रहेगा. फंड खत्म होने की स्थिति में संबंधित लाभ पहले बंद हो सकता है। 

क्लेम जमा करने की आखिरी तारीख
सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक PM E-DRIVE के सभी हिस्सों के लिए 31 मार्च 2028 अंतिम तारीख होगी. हालांकि Ministry of Heavy Industries या प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी के पास क्लेम जमा करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2027 रखी गई है। 

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com