तुर्की में जिस विमान पर हमला करने वाला था ईरान, उसमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो को क्यों बैठाया गया?

तुर्की में NATO समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपने विमान को बदलने की रिपोर्ट्स आई थी. दरअसल, अमेरिकी और तुर्की खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि ईरान से जुड़े लोग अंकारा में कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल लेकर पहुंचे हैं. वह ट्रंप के विमान को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं, खतरे को गंभीर मानते हुए ट्रंप ने चुपचाप अपना विमान बदल दिया.

ट्रंप को कैटरिंग ट्रक के जरिए पुराने एयरफोर्स वन विमान से से निकालकर एक छोटे सैन्य विमान में ले जाया गया, जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट समेत कुछ वरिष्ठ अधिकारी उसी विमान में सवार रहे, ताकि वह विमान डिकॉय की तरह काम करता रहे और ट्रंप की वास्तविक लोकेशन का पता न चल सके. ट्रंप को कुछ होने की स्थिति में मार्को रुबियो फैसला ले सकें.

ट्रंप ने खुद बताया ऐन वक्त पर क्यों बदला विमान?

मंगलवार यानी 11 अगस्त को को पत्रकारों से बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुपचुप तरीके से विमान बदले जाने की पुष्टि भी की. ट्रंप ने कहा कि यह फैसला उनकी सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस और सेना के निर्देश पर लिया गया था. उन्होंने जो कह मैंने वही किया. वे चाहते थे कि मैं दूसरे विमान से यात्रा करूं, इसलिए मैंने उनकी बात मानी.

अमेरिकी खूफिया एजेंसियों किस बात की थी आशंका?

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह धमकी कंधे से दागी जाने वाली सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (MANPADS) से जुड़ी थी. आशंका जताई गई कि ईरानी लोगों को ट्रंप के ठिकाने की जानकारी थी और उन्हें यह भी पता था कि वह होटल की किस मंजिल पर ठहरे हुए हैं.द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि तुर्की की राजधानी अंकारा में NATO सम्मेलन स्थल के पास एक व्यक्ति को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली ले जाते हुए देखा गया था. इसके बाद ट्रंप की सुरक्षा को लेकर खतरे का आकलन किया गया और उनकी यात्रा व्यवस्था में बदलाव किया गया.

क्या पत्रकारों और विमान में मौजूद व्हाइट हाउस के कर्मचारियों को ट्रंप के विमान के बदलने की थी सूचना?
अब इसको लेकर अमेरिकी चैनल सीबीएस न्यूज की एक रिपोर्ट आई है. इसके मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप पहले टीवी कैमरों के सामने एयर फोर्स वन में सवार हुए, लेकिन बाद में हवाई अड्डे पर एक कैटरिंग ट्रक के माध्यम से उन्हें चुपचाप एक सैन्य विमान में ले जाया गया. एयर फोर्स वन में मौजूद पत्रकार और यहां तक ​​कि व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों को भी ट्रंप को गुपचुप तरीके से दूसरे विमान में ट्रांसफर किए जाने की जानकारी नहीं थी.

दूसरे विमान में ट्रंप के साथ और कौन-कौन था सवार?

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अंकारा से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर रवाना हुए दूसरे विमान में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी मौजूद थे. इस विमान में ट्रंप की कार्यकारी सहायक नताली हार्प, व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ डैन स्काविनो और ओवल ऑफिस ऑपरेशंस के निदेशक वाल्ट नौटा भी सवार थे।लेकिन इस दौरान सुरक्षा कारणों से विदेश मंत्री मार्को रुबियो और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट को ट्रंप के साथ दूसरे विमान में शिफ्ट नहीं किया गया. दोनों अधिकारी एयर फोर्स वन से ही अमेरिका लौटे.

ट्रंप ने तब विमान बदलने पर क्या कहा था?

मंगलवार को जब एक पत्रकार ने राष्ट्रपति ट्रम्प से इसको लेकर संभावित खतरे के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि किसी तरह का खतरा था. मैंने (सीक्रेट सर्विस से) इसके बारे में ज्यादा सवाल नहीं पूछे. मुझे अक्सर धमकियां मिलती रहती हैं. ट्रंप नाटो शिखर सम्मेलन के लिए कतर द्वारा हाल ही में उपलब्ध कराए गए नए बोइंग 747-8 विमान से तुर्की पहुंचे. लेकिन वापस लौटते समय उन्होंने अपना विमान बदल लिया था. इसकी जानकारी सामने आने के बाद उन्होंने कहा था कि वे पुरानी यादों को ताजा करना चाहते थे. इसके लिए अपने पुराने एयर फोर्स वन विमान में यात्रा करने का फैसला किया.

मार्को रुबियो और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट को क्यों उसी विमान में रहने दिया गया?

CBS News ने बताया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट को पहले विमान में ही रखा गया था. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि ट्रंप को कुछ होने की स्थिति में राष्ट्रपति पद का उत्तराधिकार क्रम प्रभावित न हो. अमेरिकी कानून के मुताबिक, राष्ट्रपति की मृत्यु, इस्तीफे या उनके पद संभालने में असमर्थ होने की स्थिति में सबसे पहले उपराष्ट्रपति जेडी वैंस कार्यभार संभालते हैं. उनके बाद प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष और फिर सीनेट के प्रेसिडेंट प्रो टेम्पोर का स्थान आता है. इसके बाद उत्तराधिकार क्रम में कैबिनेट के सदस्य शामिल होते हैं, जिसमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उनके बाद वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का नंबर आता है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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