हिमाचल के चंबा में बादल फटा, लोहे का पुल बहा; मंदिर जा रहे 40-50 श्रद्धालु रास्ते में फंसे

हिमाचल प्रदेश में चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र की ग्राम पंचायत बलोठ के 84 चला में बादल फटने के बाद आए भारी सैलाब से लोहे का पुल बह गया. तेज बहाव के कारण श्रद्धालुओं के पैदल आवागमन के लिए बनी सड़क भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. मार्ग और पुल के क्षतिग्रस्त होने से मां भगवती खुंढी वाली के दर्शनों के लिए जा रहे करीब 40 से 50 श्रद्धालु बीच रास्ते में ही फंस गए. गनीमत रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है.

बताया जा रहा है कि इन दिनों इसी रास्ते से होकर सैकड़ों श्रद्धालु मां भगवती खुंढी वाली मंदिर के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं. मंगलवार को ज्येष्ठ मंगलवार के अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा माता के डल झील में पवित्र स्नान करने की भी परंपरा है. इसके चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना रहती है. श्रद्धालु करीब 35 से 40 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर मंदिर तक पहुंचते हैं.

बादल फटने से बहा लोहे का पुल

पूर्व प्रधान पवन शर्मा ने बताया कि बादल फटने की घटना की सूचना उन्हें मोबाइल फोन के माध्यम से मिली. सूचना मिलते ही वह स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि उस समय करीब 40 से 50 श्रद्धालु रास्ते में फंसे हुए थे. स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए लकड़ी की अस्थायी पुलिया तैयार की और श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से आर-पार करवाया.

50 श्रद्धालु फंसे

पवन शर्मा ने बताया कि बादल फटने के बाद आए सैलाब में लोहे का पुल पूरी तरह बह गया है, जबकि पैदल रास्ते को भी काफी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए क्षतिग्रस्त पुल और रास्ते को जल्द बहाल किया जाए. वहीं बीच रास्ते में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला जा रहा है. प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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